सहआरोपी के खिलाफ कोर्ट में साबित नहीं हुए सबूत, अदालत ने किया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मंगलवार को एनडीपीएस मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। अदालत ने अंकुश आनंद को दोषी करार देते हुए उसे 10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को एक लाख जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसकी 6 माह सजा बढ़ा दी जाएगी। आरोपी से पुलिस ने 10 हजार 680 नशे की गोलियां बरामद की थीं। उसके खिलाफ 2018 में डेराबस्सी थाने में एनडीपीएस का मामला दर्ज किया था। मामला जिला अदालत में विचाराधीन था। अंकुश आनंद के साथ एफआईआर में उसके साथी सन्नी को भी नामजद किया गया था, लेकिन सन्नी के खिलाफ अदालत में आरोप साबित नहीं हो सके, जिसके चलते उसे बरी कर दिया।
जानकारी के मुताबिक 5 जुलाई 2018 को डेराबस्सी पुलिस ने अंबाला के गांव शहजादपुर निवासी अंकुश आनंद को नाके पर रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से नशे की गोलियां बरामद हुईं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह यमुनानगर के सन्नी से गोलियां लाता था, जिसके बाद पुलिस ने सन्नी को भी गिरफ्तार कर नामजद कर लिया।
कोर्ट में आरोपी अंकुश के वकील ने तर्क दिया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और उसके पास से कोई नशे की दवा नहीं मिली है। साथ ही, उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे 4 जुलाई 2018 को उसके घर से उठाया और 5 जुलाई 2018 को गिरफ्तारी दिखाते हुए केस दर्ज किया।
वहीं आरोपी सन्नी के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट पर लगाए आरोप झूठे हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें रिहा किया जाए। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद सन्नी को सबूतों के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया, जबकि आरोपी अंकुश को 10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा और अगर वह जुर्माना नहीं भरता है तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।