मोहाली। सबसे बड़े इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण उद्योगों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रविवार सुबह आई तेज आंधी के बाद बाधित हुई बिजली मंगलवार शाम तक भी बहाल नहीं हो सकी। इससे फैक्टरियों में काम पूरी तरह बंद पड़ा है। लगातार तीन दिन तक उत्पादन ठप रहने से उद्योगपतियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली की समस्या को लेकर मंगलवार शाम को उद्योगपतियों ने एमआईए भवन में सुनवाई न होने पर धरना देना था। इसकी भनक प्रशासन को लग गई और एमआईए भवन के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं, बिजली संकट को लेकर बढ़ते दबाव के बीच बिजली विभाग ने भी तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया। उद्योगपति सुखदेव सिंह, अमरजीत सिंह, विनोद पठारू का कहना है कि कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। इसके अलावा उनको भी भारी नुकसान हो रहा है।
शहर में हाल ही में पैदा हुआ बिजली संकट अब सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर कर रहा है। बिजली विभाग में लाइनमैन के 244 पद लंबे समय से खाली होने और आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में हालात बिगड़ गए। तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण रविवार को आई आंधी के बाद खराब हुई बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में तीन दिन लग गए, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट रहा। इस दौरान उद्योगों का काम ठप हो गया और आम लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आंधी से हुए नुकसान के बाद विभाग की टीमें तुरंत मरम्मत कार्य में जुट जाती हैं, लेकिन इस बार पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण काम धीमी गति से चला। नतीजतन, शहर के प्रमुख इलाकों, खासकर इंडस्ट्रियल एरिया और रिहायशी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही। हालांकि सोमवार देर रात बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन तब तक लोगों और उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ चुका था।