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हाईकोर्ट की रोक के बावजूद सुखना चो में बन रही अवैध कॉलोनी

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काटी गई कॉलोनी। - फोटो : MOHALI
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जीरकपुर। बलटाना से निकलने वाले कुदरती बरसाती नाले (सुखना चो) के साथ लगती जमीन पर भू-माफिया से जुड़े एक नामी कॉलोनाइजर की ओर से वहां कॉलोनी का निर्माण करते हुए प्लाटिंग का मामला सामने आया है। हालांकि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण नवनिर्माण पर रोक लगाई गई है, लेकिन यहां पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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शिकायत मिलने के बाद स्थानीय नगर परिषद ने मामले की जांच शुरू करते हुए मौके पर चलने वाले निर्माण कार्यों पर तुरंत रोक लगा दी, लेकिन अधिकारियों के जाते ही कॉलोनाइजर ने दोबारा टिप्पर-ट्रालियों की मदद से मिट्टी डालकर सड़कें बनाने का काम शुरू कर दिया है। बता दें कि बलटाना के कुदरती बरसाती नाले ‘सुखना चो’ में अवैध कॉलोनियों के निर्माण का मामला बहुत पुराना है, जिसको लेकर मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है और याचिका का निपटारा न होने तक कुदरती नाले (सुखना चो) में धारा-55 लागू करते हुए किसी तरह के नवनिर्माण रोक लगाई हुई है।
ताजा मामला बलटाना की सैणी विहार-4, वैशाली एनक्लेव और राम विहार कॉलोनी से जुड़ा है। इसके पिछली ओर एक नामी कॉलोनाइजर ने ‘सुखना चो’ की करीब 5 एकड़ जमीन पर सड़कों का निर्माण करके वहां अवैध कॉलोनी बनाकर तैयार कर दी और देखते ही देखते लोगों से लाखों रुपये लेकर प्लाट उनके नाम करवा दिए।
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ये है मामला
हिमाचल की पहाड़ियों से निकलने वाला पानी चंडीगढ़ की सुखना झील से होता हुआ बलटाना पहुंचता है, जिसके बाद यह पानी आगे घग्गर दरिया में जा मिलता है। वहीं, गांव बलटाना के अंदर भू-माफिया से जुड़े लोगों ने सरकारी संपत्ति को तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से अपने नाम पर करवाकर यहां अवैध कालोनियों का निर्माण कर दिया गया। दूसरी ओर धड़ल्ले से तैयार हुई अवैध कॉलोनियों के निर्माण का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा बलटाना क्षेत्र से निकलने वाले कुदरती बरसाती नाले (सुखना चो) में नवनिर्माण रोक लगा दी और याचिका का निपटारा अभी नहीं हुआ है। दूसरी ओर, भू-माफिया से जुड़े लोगों के हौसले इतने बुलंद है कि रोक के बावजूद नामी कालोनाइजरों की ओर से अवैध कॉलोनियां बनाने का सिलसिला जारी है।
अवैध निर्माण से बाढ़ का बना रहता है खतरा
शुरुआती दौर में कॉलोनाइजर की ओर से अवैध कॉलोनी के निर्माण की भनक इसलिए नहीं लगी, क्योंकि कॉलोनाइजरों की ओर से बनाई कॉलोनी की सीमाओं को वहां पर पहले से बनी सैणी विहार-4, वैशाली एनक्लेव व राम विहार नामक कॉलोनियों की गलियों के साथ इसको जोड़ दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि प्रापर्टी खरीदने वालों को इस संबंधी पता न चल सके कि उक्त जमीन पुरानी कॉलोनियों का हिस्सा है। दूसरी ओर, कॉलोनाइजर की ओर से जिस जगह कॉलोनी का विस्तार किया जा रहा है, इसके ठीक पिछली तरफ कुदरती बरसाती नाला निकलता है। इसमें बाढ़ का खतरा बना रहता है।
कोट्स :::
मामले की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया है। कॉलोनाइजर को दस्तावेजों के साथ दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है।
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-सन्दीप तिवारी, कार्यकारी अधिकारी (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।
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