मोहाली। सेक्टर-81 स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जोगेंदर सिंह को प्रतिष्ठित यूरोपीय आणविक जीव विज्ञान संगठन (इएमबीओ) ग्लोबल इन्वेस्टिगेटर नेटवर्क के सदस्य के रूप में चुना गया है। यह सम्मान चिली, भारत, सिंगापुर और ताइवान में जीव विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले युवा वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है। इसमें हर साल करीब 10 युवा वैज्ञानिक, अपनी प्रयोगशाला शुरू करने के छह साल के भीतर इस सम्मान के लिए चुने जाते हैं। डॉ. सिंह की रिसर्च यह समझाती है कि सेल्स और जीव विभिन्न पर्यावरणीय और जैविक तनावों पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। उनकी प्रयोगशाला एक मॉडल प्रणाली के रूप में राउंडवॉर्म का उपयोग करके स्वास्थ्य, उम्र बढ़ने और तनाव प्रतिरोध में आंत के बैक्टीरिया की भूमिका का अध्ययन करती है। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि आंत के माइक्रोब्स की जीवनकाल और तनाव से निपटने की क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं, संभावित रूप से स्वस्थ उम्र बढ़ने को बढ़ावा देने वाले माइक्रोब्स की पहचान करते हैं। यह पुरस्कार डॉ. सिंह और उनकी टीम के लिए भारत, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के साथ सहयोग करने तथा अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के द्वार खोलता है।