मोहाली। नगर निगम के बाद अब गमाडा ने भी अपने क्षेत्र में पानी बर्बाद करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। गमाडा के चीफ इंजीनियर की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार पानी की सप्लाई से संबंधित कुछ कार्यों पर रोक लगा दी है। इनमें लॉन या फूलों के गमलों में पानी देने का काम शाम 5 बजे के बाद केवल ओवरहेड टैंक से ही किया जा सकता है, सीधे आपूर्ति से नहीं।
नल से जुड़ी पाइप से वाहन या स्कूटर धोना सख्त मना है। इसके अलावा पानी से बरामदे, बालकनी, छत या सड़क धोना, पाइप लाइन से सीधे पंप का उपयोग करना सख्त मना है। वहीं छत पर लगी टंकियों या डेजर्ट कूलर से पानी ओवरफ्लो होने पर उसे ठीक कराना होगा। लाइन की लीकेज की तुरंत मरम्मत कराना आवश्यक होगा।
पहली बार उल्लंघन करने पर 2,500 रुपये, दूसरी बार उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। तीसरी बार ऐसा करने पर जलापूर्ति बंद कर दी जाएगी। यह दस हजार रुपये जुर्माना भरने के बाद ही बहाल होगी। इसी प्रकार यदि नए भवनों के निर्माण के दौरान पानी की बर्बादी होती है, तो एक चेतावनी देकर तुरंत पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
गमाडा ने गर्मी के मौसम में पानी की निरंतर और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के लोगों से सहयोग की अपील की है। गमाडा गर्मी के मौसम में पर्याप्त दबाव पर स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसी कारण पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए 25 मई से 30 जुलाई 2025 तक कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।