मोहाली। एक तरफ जहां देश कोरोना से जूझ रहा है, वहीं लोगों को अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। वीआईपी जिले में जिन मरीज को एल-तीन अस्पताल मिले हुए हैं, उनके रिश्तेदार मरीजों को पसंदीदा अस्पतालों में शिफ्ट करने का दबाव डॉक्टरों पर बना रहे हैं।
डीसी गिरीश दियालन का कहना है कि इस तरह के मरीजों के रैफर करने पर सख्त मनाही है। जब तक डॉक्टर मरीजों को शिफ्ट करने की ठोस वजह नहीं बताते हैं, तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गंभीर हालत वाले मरीजों के इलाज के लिए विस्तृत प्रोटोकोल जारी किए हैं। सभी केसों में दी जाने वाली एल-तीन सहूलियत में एक समान है। डीसी ने कहा कि जिले में पंजाब और अन्य राज्यों से काफी संख्या में इलाज करवाने के लिए पहुंचे हुए हैं। ऐसे में जिले में उपलब्ध स्रोतों को अनुकूल बनाने की जरूरत है। जिक्रयोग है कि मोहाली में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 10 हजार पहुंच गई है। इसके अलावा औसतन छह से सात लोग महामारी की वजह से जान गंवा रहे हैं।