सरकार को 51 लाख रुपये का चेक राहत फंड में देने पर जताई आपत्ति, कहा-अधिकारियों पर दबाव बनाने की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। सेक्टर-110 टीडीआई सिटी मोहाली की रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी का कहना है कि आंशिक कंप्लीशन से जुड़ी शिकायतें 2019 से लंबित हैं। सोसाइटी की समस्याओं को अनदेखा कर बिल्डर सरकार को राहत फंड में 51 लाख रुपये देने में लगा है। सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पुडा अधिकारियों के पुतले फूंके जाएंगे और सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। सोसाइटी का कहना है कि यह राहत फंड अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए दिया गया है। सोसाइटी के प्रधान राजविंदर सिंह सराओ ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा है कि दिया गया फंड अफसरों पर दबाव बनाकर पहले की तरह गलत काम करवाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हाउसिंग मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के जरिए टीडीआई ने फंड दिया है। सोसाइटी ने आरोप लगाया कि बिल्डर के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें लंबित हैं। उनका निपटारा वह अपने पक्ष में करवा सकता है। पुडा/गमाडा के अधिकारियों ने भी माना है कि बिल्डर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर नियमों की अवहेलना करता रहा है। सोसाइटी नेताओं का कहना है कि यह राहत फंड लोगों की मेहनत की कमाई को लूटकर जुटाया गया है। उनका कहना है कि आंशिक कंप्लीशन से जुड़ी शिकायतें 2019 से लंबित हैं। सोसाइटी ने साफ किया कि उन्हें राहत फंड देने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन आपत्ति इस बात पर है कि बिल्डर मंत्री से नजदीकियों का फायदा उठाकर पहले जैसी अनियमितताओं को दोबारा अंजाम दे सकता है। सोसाइटी के नेता राजविंदर सिंह, जसवीर सिंह गड़ांग, अमरजीत सिंह शेखों, एमएल शर्मा, अशोक डोगरा, मोहित मदान, बंत सिंह भुल्लर और हरमिंदर सिंह सोही ने मुख्यमंत्री से 15 दिन के भीतर शिकायतों का निपटारा और बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सोसाइटी के आरोपों में शामिल हैं-
- बिजली की तारों के नीचे स्कूल साइट पास कराना।
- कम्युनिटी सेंटर को विभागीय नियमों के बिना क्लब में बदलना।
- साझा मालिकाना हक वाली जगहों पर सड़कें बनवाना।
- बिना कंप्लीशन और सड़कें बनाए प्लॉट्स का कब्जा देना।