जीरकपुर। बहुमंजिला इमारतों वाले जीरकपुर में आग से सुरक्षा के इंतजाम अब भी अधूरे हैं। नगर परिषद ने वर्ष 2019 में हाइड्रोलिक फायर मशीन खरीदने की योजना बनाई थी। सात साल बाद भी यह योजना लागू नहीं हो सकी है। शहर में 19-19 मंजिला आवासीय सोसाइटियां बन चुकी हैं। किसी बड़े अग्निकांड में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना दमकल विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। वर्ष 2024 में हाउस की बैठक में हाइड्रोलिक मशीन खरीदने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इसे पंजाब सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। हालांकि, अब तक सरकार से स्वीकृति नहीं मिली है। इससे मशीन की खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। हजारों परिवार ऊंची इमारतों में रहते हुए सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दमकल विभाग अभी भी पारंपरिक फायर टेंडरों के भरोसे है।
खरीद में देरी से निवासियों की चिंताएं बढ़ी
अधिकारियों के अनुसार, 15 से 19 मंजिला इमारत में आग लगने पर बिना हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के बचाव कार्य में दिक्कतें आ सकती हैं। लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में अधिक समय लग सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई सोसाइटियों और व्यावसायिक भवनों में आग की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं ने ऊंची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोग अब हाइड्रोलिक मशीन की खरीद को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं।
मोहाली पर निर्भरता और बचाव की चुनौती
जीरकपुर में हाइड्रोलिक फायर मशीन न होने के कारण दमकल विभाग को मोहाली से मशीन मंगानी पड़ती है। इससे मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने में देरी होती है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की घटनाओं में शुरुआती मिनट सबसे अहम होते हैं। दूसरे शहर से मशीन आने तक स्थिति गंभीर हो सकती है।
इस मामले की जानकारी नहीं है। सोमवार को अधिकारियों से बैठक करके मामले का पता लगाया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद, जीरकपुर