जीरकपुर। जीरकपुर की सुषमा वेलेंसिया में रहने वाले लोगों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा राहत प्रदान करते हुए बिजली विभाग को अस्थायी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए है। दूसरी ओर, हाईकोर्ट के आए फैसले के बाद सोसाइटी वासियों को बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद तो जरूर जगी है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों को बिजली विभाग मानता है या नहीं, ये आने वाला समय बताएगा। बीते 7 सालों से घर खरीदकर रह रहे लोगों में अब अपना बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद जग गई है। दूसरी ओर, इसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनकी ओर से अभी हाईकोर्ट के आदेशों की जांच चल रही है और आलाधिकारियों द्वारा इस पर मंथन किया जा रहा है।
पीआर-7 रोड पर स्थित सुषमा कंपनी द्वारा बनाई रेजिडेंशियल सोसाइटी में लोगों ने अपने जिंदगीभर की पूंजी खर्च करके घर खरीदे, लेकिन करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद यहां रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। इसकी प्रमुख वजह बिल्डर द्वारा बिजली विभाग को बनती राशि जमा न करवाना था, जिसके चलते बिल्डर सोसाइटी वासियों को जनरेटर लगाकर बिजली की मांग पूरा कर रहा था, जो मार्केट रेट से कई गुणा ज्यादा है। जैसे-जैसे लोग जनरेटर से मिलने वाली बिजली से गुजारा चला रहे थे, लेकिन मार्च में एक कांग्रेस नेता द्वारा आत्महत्या कर ली, जिसने अपनी मौत का जिम्मेदार सुषमा कंपनी के मालिक कम बिल्डर को ठहराया। दूसरी ओर, पुलिस ने सुषमा कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी। बिल्डर प्रतीक मित्तल सहित अन्य नामजद आरोपी अपने फोन के साथ-साथ दफ्तर तक बंद करके फरार हो गए, जिनका पता लगाने में पुलिस टीमें लगी हुई है। वहीं, ऐसे में बिल्डर के भाग जाने के बाद सोसाइटी वासियों को मिलने वाली बिजली की सप्लाई जनरेटर को तेल न मिलने की वजह से बंद हो गई, जिसको लेकर लोगों ने बिजली विभाग सहित प्रशासन के हर अधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बताकर समाधान की मांग की। इसके बाद भी कहीं कोई सुनवाई न होने के बाद लोगों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई दौरान सोसाइटी वासियों को अस्थायी कनेक्शन जारी करने के निर्देश जारी कर दिए।
ये कहना है सोसाइटी वासियों का
-हाईकोर्ट द्वारा बिजली विभाग को अस्थायी कनेक्शन जारी करने के फैसले की हम सराहना करते हैं, क्योंकि उनकी परेशानी को अदालत ने समझा। जबकि प्रशासन ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की।- मनोज कुमार, उपप्रधान, सुषमा वेलेंसिया, जीरकपुर।
-बीते 2 महीनों से बिना बिजली के अपना जीवनयापन कर रहे है और सबसे ज्यादा परेशानी तो उन लोगों को है जो लिफ्ट बंद होने की वजह से सीढि़यां चढ़कर आना-जाना करते हैं।-सुषमा सैनी, निवासी, सुषमा वेलेंसिया, जीरकपुर।
- मैं यहां का रेजीडेंट हूं और ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रशासन ने लोगों की तकलीफ को समझा हो। बस जल्द समाधान का आश्वासन देकर टाल देते हैं। इसके बाद मामले को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में उठाया। इसके बाद जाकर अदालत द्वारा बिजली के अस्थायी कनेक्शन जारी करने के आदेश जारी हुए। -गुरिंदर सिंह धूत, एडवोकेट कम प्रधान, सुषमा वेलेंसिया, जीरकपुर।
- जीरकपुर में करोड़ों रुपए निवेश करके घर बनाया, जिसके बावजूद जेब से रोज पैसे खर्च करके जनरेटर में डीजल डलवाकर बिजली-पानी की मांग को पूरा करना पड़ा। जो समझ से बाहर है कि कैसे बिल्डर आम लोगों से मनमाने पैसे लेकर बाद में धोखा देकर आसानी से भाग जाते हैं।- मैंडी