खरड़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खरड़ नगर परिषद के कार्यसाधक अधिकारी सुखदेव सिंह के तबादले पर रोक लगा दी है। यह रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। सिंह ने अपने तबादले को अदालत में चुनौती दी थी। सुखदेव सिंह का हाल ही में खरड़ से नगर पंचायत मल्लांवाला, जिला फिरोजपुर, तबादला किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील आर्यन सिंह ने अदालत को बताया कि सिंह ने एक बिल्डर के भवन नक्शों में नियमों के उल्लंघन पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने साइट प्लान को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। आरोप है कि इसी कारण उन्हें खरड़ से मल्लांवाला स्थानांतरित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि बाद में अशोक कुमार पथरिया को खरड़ में कार्यसाधक अधिकारी नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति नियमों के अनुरूप नहीं है। प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तबादले पर अंतरिम रोक लगाई। अदालत ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अधिकारी का सेवाकाल और आगे की सुनवाई
सुखदेव सिंह वर्ष 1999 में इंस्पेक्टर के रूप में सेवा में शामिल हुए थे। वर्ष 2011 में उन्हें सुपरिंटेंडेंट पद पर पदोन्नत किया गया। वह 2016 से कार्यसाधक अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई है।