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मोहाली नगर निगम की वार्डबंदी का मामला फिर पहुंचा हाईकोर्ट, सुनवाई आज

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मोहाली। एक ओर जहां नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में राजनीति गर्माई हुई है, वहीं, एक बार फिर नगर निगम की वार्डबंदी का मामला तूल पकड़ गया। वार्ड नंबर 36 और 49 को गलत तरीके से पिछड़ी श्रेणियों और अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित करने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। वहीं, अदालत की ओर से इस संबंधी जरूरी दस्तावेज सरकार से मांगे गए हैं। सरकारी वकील ने अदालत से इस संबंधी दस्तावेज देने के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर निश्चित की है।
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जानकारी के मुताबिक पूर्व अकाली पार्षद आरपी शर्मा और सुखदेव सिंह पटवारी की ओर आरोप लगाया गया है कि उनके वार्ड को जानबूझकर आरक्षित किया गया है, जिससे उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव न लड़ पाए। इस संबंधी फेज-6 के निवासी बच्चन सिंह और पूर्व पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी की ओर से अदालत में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान पेश हुए वकील की ओर से दलील दी गई कि स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वार्डबंदी दौरान पेश हुए सभी आरोपों का निपटारा किया गया।
इस मौके पर अदालत की ओर से इन एतराजों संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। इसके बाद सरकारी वकील की ओर से कम से कम समय मांगा गया था। सरकारी वकील की ओर से इस दौरान वार्ड नंबर-36 के बारे में दस्तावेज जमा नहीं करवाए गए। जबकि वार्ड नंबर-49 संबंधी दस्तावेज न मिलने पर वकील ने अदालत से समय मांगा है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई तीन दिसंबर तय कर दी है।
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बता दें कि मोहाली नगर निगम में 50 वार्ड हैं, कोरोना महामारी के चलते इस बार नगर निगम की वार्डबंदी में नए एरिया शामिल नहीं किए गए हैं। पुराने वार्डबंदी को नए सिरे से किया गया। इसमें वार्डों के नंबर बदले गए हैं। इसके अलावा कुछ इलाकों में कांट-छांट की गई है। इसके बाद प्रत्येक वार्ड में करीब 1500 से 3500 मतदाता रखे गए हैं।
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