मोहाली। लंबे समय तक हेडफोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों में कानों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। मोहाली के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवाओं को सुनने की क्षमता कम होने, कानों में दर्द और चिड़चिड़ापन जैसी शिकायतें हो रही हैं। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. हिमांशु मित्तल ने बताया कि हम रोज 3-4 ऐसे मरीज देखते हैं जिन्हें हेडफोन के अधिक इस्तेमाल से समस्या होती है। 80 डेसिबल से ज्यादा आवाज़ और लगातार 2 घंटे से अधिक इस्तेमाल खतरनाक है। इससे युवा और ऑफिस वर्कर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ईयरबड्स, कान के अंदरूनी हिस्से के करीब होने के कारण, ओवर-ईयर हेडफोन की तुलना में अधिक हानिकारक हो सकते हैं क्योंकि ये सीधे कान के पर्दे पर ध्वनि भेजते हैं।
कॉलेज स्टूडेंट की सुनने की क्षमता घटी
मोहाली के एक प्राइवेट कॉलेज के छात्र राहुल (22) ने बताया कि वह रोजाना 5-6 घंटे ईयरबड्स लगाकर म्यूजिक सुनता था। कुछ महीनों बाद उसे सुनने में दिक्कत होने लगी। डॉक्टरों ने पाया कि उसकी सुनने की क्षमता 30% तक कम हो गई है।
युवा पेशेवर को कान में संक्रमण
आईटी कंपनी में काम करने वाली प्रियंका (26) ने वर्क फ्रॉम होम के दौरान लगातार ईयरबड्स का इस्तेमाल किया। कुछ हफ्तों बाद उसे कान में दर्द और खुजली हुई। जांच में फंगल इन्फेक्शन पाया गया, जो ईयरबड्स की सफाई न होने के कारण हुआ।
ऑनलाइन क्लासेज के कारण बच्चे परेशान
14 साल की आयशा के माता-पिता ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान लंबे समय तक हेडफोन लगाने से उसे सिरदर्द और चिड़चिड़ापन होने लगा।
कैसे करें बचाव?
- 60% वॉल्यूम पर 60 मिनट से ज्यादा न सुनें।
- स्पीकर मोड या ओवर-ईयर हेडफोन का इस्तेमाल करें।
- ईयरबड्स की सफाई रोजाना करें, शेयर करने से बचें।
- हर 1 घंटे बाद 5-10 मिनट की ब्रेक लें।