मोहाली। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3, फेज-7 और फेज-8बी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। इन इलाकों की सड़कों और गलियों में सूखे पत्तों, मिट्टी और प्लास्टिक कचरे के ढेर लगे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बरसात में यहां बाढ़ जैसे दृश्य बन सकते हैं। निगम द्वारा करोड़ों रुपये मशीनी सफाई पर खर्च किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी बदहाल व्यवस्था है।
स्थानीय उद्योगपति और क्षेत्रवासी निगम की उदासीनता से नाराज हैं। उनका कहना है कि नगर निगम करोड़ों रुपये मशीनों के जरिए सफाई पर खर्च कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर नतीजे शून्य हैं। कई इलाकों में महीनों से झाड़ू तक नहीं लगी और रोड गलियों की हालत ऐसी है कि कचरे से पूरी तरह जाम हैं। स्मार्ट सिटी के नारों के बावजूद फेज-1 से 5, 7 और 8-बी में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां सड़क किनारे बनी रोड गलियों में महीनों से गंदगी की सफाई नहीं हुई, जिससे जलभराव और दुर्गंध की समस्या आम हो चुकी है। स्थानीय उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जल्द से जल्द इन क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाए, रोड गलियों की सफाई करवाई जाए और कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शिकायतों के बाद भी अफसर नहीं दे रहे ध्यान
निगम को कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन अधिकारी मौके पर नहीं आए। अगर अब भी सफाई नहीं हुई तो पहली बारिश में ही पूरी सड़क तालाब बन जाएगी। -नरेश धीमान, उद्योगपति, फेज-8बी
डेंगू-मलेरिया जैसे रोगों का बढ़ा खतरा
कचरे की वजह से मच्छरों की भरमार है, जिससे डेंगू-मलेरिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ गया है। अगर बारिश के मौसम से पहले रोड गलियों की सफाई न हुई तो काफी समस्या आएगी। -दिलप्रीत सिंह बोपाराय, उद्योगपति, फेज-7