जीरकपुर। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को डेंगू की रोकथाम और मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूकता के लिए मास सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान सिंहपुरा, नगला, ढकौली और पीर मुछल्ला सहित विभिन्न क्षेत्रों में घरों और निर्माणाधीन साइटों की विशेष जांच की गई। विभाग की टीमों ने लोगों से डेंगू से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील की।
सर्वे में सिविल सर्जन मोहाली संगीता जैन, एसएमओ गगनदीप सिंह शेरगिल, नोडल अधिकारी सरगुन ग्रेवाल और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। टीमों ने पानी जमा होने वाली जगहों, कंटेनरों, पुराने टायरों, पानी की टंकियों और ड्रमों का निरीक्षण किया। संभावित ब्रीडिंग स्थानों को बारीकी से देखा गया। संगीता जैन ने कहा, डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ खड़े पानी में पनपता है। इसलिए घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई। विभाग ने लोगों से कूलरों का पानी नियमित रूप से बदलने और टंकियों को ढककर रखने की अपील की। पुराने टायरों और टूटे बर्तनों में पानी जमा न होने देने को कहा गया। निर्माणाधीन साइटों पर भी जलभराव रोकने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
''हर शुक्रवार ड्राई डे'' की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से ''हर शुक्रवार ड्राई डे'' मनाने की अपील की। इसके तहत सप्ताह में एक दिन घर, कार्यालय और दुकान के जल स्रोतों को खाली व साफ करना है। यह अभियान डेंगू के लार्वा को पनपने से रोकने में मदद करेगा। विभाग ने कहा कि यह केवल विभाग की नहीं, बल्कि आम लोगों की भी जिम्मेदारी है।
डेंगू के लक्षण और जनभागीदारी
विभाग ने बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या आंखों के पीछे दर्द जैसे डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की सलाह दी। विभाग ने कहा कि डेंगू की रोकथाम में आम लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यदि नागरिक अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देंगे, तो लार्वा की पैदावार बड़े स्तर पर रोकी जा सकती है। विभाग का सर्वे, जागरूकता और चेकिंग अभियान जारी रहेगा।