मोहाली। सेहत विभाग में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन हुई। इसके बाद बोर्ड की तरफ से उक्त व्यक्ति को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है और इसके साथ ही इस संबंधी रिपोर्ट बनाकर सेहत विभाग को भेज दी है। मिली जानकारी के मुताबिक डायरेक्टर ऑफ आयुर्वेदिक, योगा एवं नैचरोपेथी, यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी पंजाब की तरफ से एक दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था। जांच में सामने आया है कि न तो यह रोल नंबर और न ही इस संबंधी कोई भी सर्टिफिकेट किसी को जारी नहीं किया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि यह सटिफिकेट फर्जी है। जिसके बाद जो सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए बोर्ड में आया था उसे भी बोर्ड ने जब्त कर लिया है। इसके साथ ही रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को भेज दी है। अब विभाग को उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी है।
बता दें कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में हर महीने दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट अलग-अलग विभागों से वेरिफिकेशन के लिए आते हैं। इस दौरान हर महीने 10 से 15 सर्टिफिकेट फर्जी निकलते हैं। जिसके बाद विभाग की ओर से ऐसे लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया जाता है। इससे पहले सेना, रेलवे और अन्य विभागों से आए सर्टिफिकेट भी फर्जी निकले हैं। इतना ही नहीं यह बात भी सामने आई है कि फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरियां हासिल करने में लड़कियां सबसे आगे रही हैं।