मोहाली। गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को यादगार बनाने के लिए मोहाली शनिवार को पुआधी रंग में रंग गया। पुआधी मंच, मोहाली की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कविता, गायन और नाट्य रूपांतर के जरिए गुरु जी की अद्भुत त्याग और आस्था की मिसाल को शब्दों में पिरोया गया।
पुआधी भक्त कवि आसा राम बैदवाण की स्मृति स्थल पर हुए इस आयोजन में जत्थेदार सिकंदर सिंह कुंभड़ा ने अपने साथियों के साथ पुआधी अखाड़ा लगाया और तीन घंटे तक गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी को कविताओं और किस्सागोई के रूप में जीवंत कर दिया।
फिल्म अभिनेत्री मोहनी तूर, गायक सुखविंदर दुराली और कवि सतीश ने भी अपनी रचनाओं के जरिए समां बांध दिया। किसी ने भक्ति का रंग भरा तो किसी ने वीर रस के शेरों से श्रोताओं के दिल जीत लिए। इस अवसर पर यूथ अकाली नेता खुशइंदर सिंह बैदवाण, काउंसलर हरजीत सिंह भोलू, राजकर्ण सिंह बैदवाण, रूपा सोहाना समेत कई गण्यमान्य उपस्थित रहे।
कवियों और कलाकारों को किया सम्मानित
सभी वक्ताओं ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत केवल इतिहास नहीं, बल्कि मानवीय स्वतंत्रता और धर्म की रक्षा का अमर संदेश है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कवियों और कलाकारों का सम्मान कर उन्हें समाज में सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने के लिए धन्यवाद दिया।