बीयर पीते समय हुआ झगड़ा
वीरवार रात करीब 10.43 बजे आकाशदीप और उसका दोस्त राजविंदर मुस्तकीन ढाबे के पास शराब के ठेके पर बीयर पीने आए थे। उसके बाद खाना खाने जाना था। वह बीयर पी रहे थे तो वहां पहले से मौजूद चार लड़कों से आकाशदीप की किसी बात पर बहस हो गई। सभी आकाशदीप से झगड़ने लगे। इसी बीच कुछ और युवक भी वहां एक्टिवा पर आ पहुंचे। उनके हाथों में चाकू व किरच थीं। उन्होंने बहस कर रहे आकाशदीप पर चाकू व किरच से हमला कर दिया। इस दौरान आकाशदीप के दिल व कमर पर चाकू से कई वार किए गए। उनकी कमीज फटकर गिर गई। आकाशदीप को लहूलुहान देख जब राजविंदर बचाने आया तो उन्होंने उसके सिर पर भी किरच से वार कर दिया। दोनों जान बचाने के लिए वहां से भागे। रजिंदर अंबाला साइड की तरफ भागा और आकाशदीप नंगे बदन पटियाला चौक की तरफ। पटियाला चौक पर आकाशदीप लड़खड़ाकर गिर गया। वह जमीन पर खून से लथपथ बिलखता रहा और हमलावर उस पर चाकुओं से वार करते रहे। इसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। कुछ लोगों ने एक ऑटो कर आकाशदीप को जीएमसीएच-32 पहुंचाया।
एक साल पहले दुबई से आया था, पिता की हो चुकी है मौत
आकाशदीप दुबई में रहता था। एक साल पहले ही वह दुबई से आया था। उसके पिता की मौत हो चुकी है। एक छोटा भाई और मां गुरदासपुर में रहते हैं। राजविंदर भी कतर में रहता था और सितंबर में ही भारत आया है। राजविंदर के रिश्तेदार जीरकपुर में रहते हैं। वह 20 दिन के लिए उनके घर पर आया था। उसने अपनी बेटी और पत्नी को मिलने के लिए दिल्ली जाना था। घायल राजविंदर ने बताया कि विदेश से आने के बाद ही आकाशदीप से उसकी मुलाकात जीरकपुर में हुई थी। आकाशदीप यहां निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था और पटियाला चौक पर किराये के घर में रहता था। वह हमलावरों को जानता तक नहीं है।
सैकड़ों लोगों की भीड़ में कोई नहीं आया बचाने
आकाशदीप ने जान बचाने का काफी प्रयास किया। वह करीब 100 मीटर दूर भागा लेकिन बदन पर चाकुओं के वार के दर्द के कारण वह जमीन पर गिर गया। जहां सिमू ने अपने साथियों के साथ उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। चौक पर काफी चहल पहल रहती है। लोग पटियाला को जाने के लिए वहां बसों का इंतजार करते हैं। ऑटो चालक भी वहां मौजूद होते हैं। आकाशदीप जान की भीख मांगता रहा लेकिन सैकड़ों लोगों में से कोई उसे बचाने आगे नहीं आया। हमलावरों सरेआम गुंडागर्दी करते रहे और उनके हाथों में चाकू-किरच देखकर लोगों ने उसे बचाने का प्रयास तक नहीं किया।