मोहाली। अमृतसर की गुमटाला पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी राहत मिली है। एनआईए की विशेष अदालत ने भागे आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए एजेंसी को 90 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले में अभी मौखिक, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाने बाकी हैं।
यह हमला 9 जनवरी 2025 की रात को हुआ था। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद एनआईए ने 1 अप्रैल 2025 को अपनी प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपियों पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। एनआईए ने 13 अगस्त 2025 को गिरफ्तार बग्गा सिंह उर्फ रिंकू के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। हालांकि, मनदीप सिंह उर्फ मक्का, सरवण सिंह उर्फ भोला और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया सहित अन्य आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
हमले की साजिश और जिम्मेदारी
एनआईए ने अदालत में दावा किया कि बग्गा और मनदीप ने विदेश में बैठे सरवण सिंह उर्फ भोला के निर्देश पर ग्रेनेड हमला किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। एजेंसी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैप्पी पासिया के प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संपर्क होने का भी दावा किया।
फरार आरोपियों की स्थिति
एनआईए के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों से हमले से पहले और बाद में आरोपियों की बातचीत व आवाजाही की पुष्टि हुई है। मनदीप सिंह और सरवण सिंह को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन दोनों जांच में शामिल नहीं हुए। अदालत ने 27 नवंबर 2025 को उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। हैप्पी पासिया के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे, पर भारतीय पते पर तामील नहीं हो सकी। अदालत ने मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए एनआईए की अर्जी स्वीकार कर ली।