मोहाली। अमरूद घोटाला मामले में आरोपी जैसमीन कौर को अदालत ने अमेरिका जाने की अनुमति दे दी है। उन्हें 4 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक अमेरिका में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने की इजाजत मिली है। अदालत ने 30 लाख रुपये के निजी मुचलके सहित सात शर्तें भी लगाई हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने यह फैसला सुनाया। जैसमीन कौर वर्ष 2023 में दर्ज अमरूद घोटाला मामले में ट्रायल का सामना कर रही हैं। उन पर साजिश के तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले अमरूद के बाग का मुआवजा अनुचित तरीके से प्राप्त करने का आरोप है।
राज्य सरकार ने उनके आवेदन का विरोध किया था। हालांकि, अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आवेदन मंजूर कर लिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है। इसे विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अलावा प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी की भारत में मजबूत जड़ें हैं और उसके फरार होने की आशंका नहीं है। वह नियमित रूप से ट्रायल में पेश हो रही है। इसी मामले में एक सह-आरोपी को भी पहले विदेश जाने की अनुमति दी जा चुकी है।
अदालत द्वारा निर्धारित प्रमुख शर्तें
अदालत ने जैसमीन कौर के लिए सात प्रमुख शर्तें निर्धारित की हैं। उन्हें 30 लाख रुपये का निजी मुचलका और समान राशि का एक जमानती, सावधि जमा रसीद या बैंक गारंटी जमा करनी होगी। अमेरिका में ठहरने का पूरा पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी अदालत को देनी होगी। वीजा सहित पूरे पासपोर्ट की सत्यापित प्रति जमा करना भी अनिवार्य है।
अन्य अनिवार्य नियम
जैसमीन कौर अदालत की अनुमति के बिना अपना वकील नहीं बदल सकेंगी। उन्हें अपनी अचल संपत्तियों का विवरण शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत करना होगा। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि उन्हें 20 जुलाई 2026 तक भारत लौटकर अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल निर्धारित अवधि के लिए है और सभी शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।