मोहाली। वीआईपी सिटी में लोग अवैध निर्माण जैसी गतिविधियों को सरेआम अंजाम देकर प्रशासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आलम यह है कि ऐसी जगहों पर लोगों ने 3 से 4 मंजिला तक मकान बना लिए हैं और इस वजह से बिजली, पानी और सीवरेज आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने में प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर ऐसे क्षेत्रों में लोगों द्वारा की जाने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए नगर निगम ने एक प्रस्ताव तैयार किया है और इस प्रस्ताव को विभाग की मंजूरी का इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक मटौर, सोहाना, शाही माजरा, कुंभड़ा, मोहाली सहित कुल 6 गांव नगर निगम के दायरे में आते हैं और सबसे ज्यादा अवैध निर्माण इन क्षेत्रों में लोगों ने किया है। अभी भी लोग 3 से 4 मंजिला तक ऊंची इमारतें बनाने की ताक में रहते हैं। इस धंधे में लोगों को राजनीतिक नेताओं का संरक्षण तक हासिल है। जब भी नगर निगम के अधिकारी कभी अवैध निर्माण कार्यों को रोकने या तोड़ने के लिए कार्रवाई को अंजाम देने पहुंचते हैं तो नेताओं के फोन की घंटियां बजने लगती हैं। इस कारण अधिकारियों को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ता है।
अवैध निर्माणों से होती है पानी व सीवरेज ओवरफ्लो की दिक्कत
नगर निगम से जुड़े अधिकारियों की मानें तो अवैध निर्माण का असर शहर के लोगों को प्रदान की जाने वाली बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। आमतौर पर किसी क्षेत्र में विकास कार्यों का खाका वहां स्थित घरों की संख्या के आधार पर होता है जिसके बाद वहां पानी, सीवरेज और सड़क आदि की व्यवस्था की जाती है। दूसरी ओर लोग अवैध निर्माण करके 3 से 4 मंजिला बिल्डिंग बना लेते हैं और इनमें किराये पर लोगों को ठहरा दिया जाता है। इसका असर यह होता है कि जिस घर में पहले 5 से 6 लोग रहते थे, अब उसी घर में 18 से 20 लोग रह रहे हैं। लोगों की संख्या बढ़ने से लोगों को लो प्रेशर पानी की आपूर्ति व सीवरेज ओवरफ्लो जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोट्स
मंजूरी मिली तो सख्ती से लागू की जाएगी योजना
शहर के अधीन उक्त गांवों में अवैध सबसे बड़ी परेशानी है और इन लोगों को राजनीतिक नेताओं का संरक्षण हासिल है, इसलिए एक प्रस्ताव बनाकर विभाग के आलाधिकारियों के माध्यम से पंजाब सरकार को भेजा गया है, ताकि ऐसे में क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई करके अवैध निर्माण की कार्रवाई को रोका जा सके। अब बस प्रस्ताव की मंजूरी का इंतजार है। अगर सरकार से इसे मंजूरी मिलती है तो इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। -रंजीव कुमार, सचिव, नगर निगम मोहाली