पिता के अनुसार, पत्नी और बेटे की मौत के बाद से मानसिक रूप से परेशान रहते थे शरणजीत सिंह
खरड़ में मानसिक परेशान ठेकेदार ने खुदकुशी की, पांच बेटियां अनाथ
मोहाली/खरड़। छज्जू माजरा के मॉडल टाउन में रविवार को 57 वर्षीय सरकारी ठेकेदार शरणजीत सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव घर के बेडरूम में बेड के पास फर्श पर खून से लथपथ मिला। घटना के समय वह घर में अकेले थे सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। मृतक के पिता छिंदर सिंह ने किसी पर संदेह नहीं जताया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को खरड़ के सिविल अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शरणजीत सिंह अपने 73 वर्षीय पिता छिंदर सिंह और पांच बेटियों के साथ रहते थे। उनके पिता सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार हैं। शरणजीत सिंह की पत्नी सुखदीप कौर की वर्ष 2025 में मौत हो गई थी। उनके एक बेटे अमनजीत सिंह की वर्ष 2018 में मौत हुई थी।
मानसिक परेशानी और परिवार का दुख
पिता छिंदर सिंह के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद से ही शरणजीत सिंह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। इसी वजह से उन्होंने सरकारी ठेके लेने का काम भी छोड़ दिया था। परिवार पहले ही दो सदस्यों को खो चुका था। अब शरणजीत सिंह की मौत से पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनकी सबसे छोटी बेटी महज तीन साल की है। छिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि 18 अक्तूबर को वह अपनी एक पोती के साथ सीपी मॉल गए हुए थे। दोपहर करीब एक बजे उनकी दूसरी पोती सुखमनी का फोन आया। सुखमनी ने बताया कि उसके पिता को गोली लगी है और उन्हें तुरंत घर पहुंचना चाहिए। सूचना मिलते ही छिंदर सिंह घर पहुंचे तो शरणजीत सिंह बेडरूम में मृत पड़े मिले। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।