मोहाली। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सेक्टर 88-89 के विकास के लिए लैंड पूलिंग योजना के तहत 70 लाख एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने वाले गांवों सोहाना, लखनौर, मानक माजरा और भागोमाजरा के भूस्वामियों को बड़ी राहत दी है। गमाडा अधिकारियों ने अधिमान्य स्थान शुल्क (पीएलसी) की वसूली को समाप्त कर दिया है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने दौलत राम भट्टी बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य के मामले से संबंधित कुल 118 रिट याचिकाओं पर सुनवाई की। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने सेक्टर 88-89 के आवंटियों को पीएलसी के रूप में 9,000 रुपए अदा करने की व्यवस्था को समाप्त करने का आदेश दिया। अदालत ने आदेश दिया है कि आवंटियों को साधारण ब्याज सहित धनराशि वापस की जाए।
सेक्टर 88 निवासी हरदीप सिंह उप्पल, दौलत राम भट्टी, खुहाल सिंह नंबरदार नानोमाजरा, अजैब सिंह, परमजीत सिंह कुंभड़ा, सतपाल शर्मा, बलविंदर सिंह गिल आदि ने बताया कि लैंड पूलिंग पॉलिसी में किसी प्रकार का टैक्स न होने के बावजूद गमाडा ने पीएलसी फीस वसूलने के मामले में उसे उलझाए रखा। इस कारण आवंटियों को अदालत की शरण लेनी पड़ी।