मोहाली। शहर की साफ-सफाई का नया ठेका एक निजी कंपनी को देने की तैयारी के विरोध में सफाई मुलाजिम शुक्रवार को संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने अपना काम बंद कर नगर निगम के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके साथ ही शहर की सफाई प्रक्रिया भी रुक गई है। लोगों के घरों से भी कूड़ा उठना बंद हो गया। मुलाजिमों का कहना है कि सफाई का ठेका निजी कंपनी या ठेकेदार को देने की बजाय सीधा सफाई मुलाजिमों को दिया जाए। वरना यह संघर्ष लंबा चलेगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक सफाई का काम और घरों से कूड़ा उठाने का काम रोका गया है। आने वाले दिनों में सार्वजनिक शौचालय में भी ताला लगा दिया जाएगा। वह भी चाहते हैैं कि शहर साफ सुथरा दिखे, लेकिन उनके साथ धक्केशाही की जा रही है। इस कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
यह है मामला
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की ओर से शहर की सफाई का ठेका पहले दिल्ली की कंपनी को दिया हुआ था। यह ठेका इस साल खत्म होने वाला है। नगर निगम ने नया सफाई का ठेका देने के लिए टेंडर तक लगा दिए हैं। 15 जून के बाद नई कंपनी सफाई का काम देखेगी। लेकिन सफाई मुलाजिम इसके विरोध में हैं। उनका कहना है कि ऐसा होने से एक तो सरकारी खजाने का पैसा लूटाकर बर्बाद किया जाता है, साथ ही सफाई कर्मचारियों का शोषण होता है।
इस मामले को लेकर एक एक बैठक सफाई मुलाजिम एसोसिएशन, मेयर और निगम अधिकारियों के बीच हो चुकी है, लेकिन उसके कोई सार्थक नतीजे नहीं आए हैं। इसलिए उन्हें मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ रही है।
शुक्रवार को 1500 कर्मचारियों ने काम बंद कर नगर निगम के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें समूह सफाई मुलाजिम, गारबेज कलेक्टर और कूड़ा उठाने वाली गाड़िायोें के चालक भी शामिल हुए। पंजाब सफाई मजूदर फेडरेशन के बैनर तले यह प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें एसोसिएशन के सूबा प्रधान सोहन सिंह, सूबा महासचिव पवन गोडयाल, मोहाली सफाई मुलाजिम यूनियन के प्रधान शोभा राम और अन्य सभी यूनियन के प्रधान और सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गई तो यह हड़ताल लंबी चलेगी।
जल्द सफाई नहीं हुई तो हर तरफ दिखेगी गंदगी
जानकारी के मुुताबिक इस समय कोरोना महामारी फैली हुई है। मोहाली में कोरोना के सबसे ज्यादा केस आ रहे हैं। ऐेसे में अगर हड़ताल लंबी चलती है तो लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ेगी। क्योंकि शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने लगे हैं। वहीं, सबसे बड़ी बात यह है कि इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर भी बुरा असर पड़ेगा।
वहीं, दूसरी ओर खरड़ नगर परिषद समेत अन्य परिषदों में भी पहले से ही सफाई मुलाजिम हड़ताल पर चल रहे हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। इस तरह की स्थिति पांच साल पहले भी बनी हुई थी। उस समय कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सुधरी थी।
मुलाजिम सफाई बंद न करें, हम उनके साथ
शहर के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि मोहाली एक प्लांड शहर है। ऐेसे में इलाके में सारा काम एक रणनीति के तहत किया जाता है। वह हरदम सफाई मुलाजिमों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि वह उनकी मांगों संबंधी एक प्रस्ताव हाउस में पास कर सरकार को भेजेंगे। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद उसी के अनुरूप काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह सफाई का काम रोक देना बिल्कुल गलत है। सफाई मुलाजिमों को महामारी का ख्याल रखना चाहिए। नगर निगम उनकी मांग को पूरा करवाने का प्रयास करेगा।