जीरकपुर। किशनपुरा कूड़ा डंपिंग प्वॉइंट से कूड़ा न उठाने को लेकर डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाई सेवकों में गहरी नाराजगी है। यूनियन के अध्यक्ष शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के अधिकारी और सेनेटरी इंस्पेक्टर न केवल उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले एक सप्ताह से डंपिंग प्वॉइंट से कूड़ा नहीं उठाया गया, इस कारण वहां कूड़े के ढेर और बदबू फैल गई है। इस कारण मजबूरी में सफाई सेवकों ने अपने निजी खर्च से जेसीबी मंगवाकर कूड़ा हटवाया। उन्होंने कहा कि रोजाना घर-घर से कूड़ा इकट्ठा कर डंपिंग प्वॉइंट तक पहुंचाते हैं, लेकिन जब वहां से कूड़ा नहीं उठता तो हम इसे कहां डालें? नगर परिषद ने न तो ट्रालियां भेजी और न किसी तरह की मदद दी।
यूनियन प्रधान के अनुसार, डंपिंग प्वॉइंट डीपीएस स्कूल के पीछे कच्चे रास्ते पर स्थित है। बारिश में रास्ते पर कीचड़ भर जाता है, जिससे सफाई कर्मियों को रेहड़ी लेकर पहुंचने में भारी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी रेहड़ियां वहां पहुंच सकती हैं तो नगर परिषद की मशीन क्यों नहीं पहुंच सकती। उन्होंने कहा कि ढकोली से डंपिंग प्वाइंट शिफ्ट करते समय नगर परिषद ने शेड, पीने के पानी, शौचालय और पक्की सड़क जैसी सुविधाएं देने का वादा किया था, लेकिन आज तक कुछ भी पूरा नहीं मिला है। बरसात के दिनों में कीचड़ और बदबू से हालात बदतर हो जाते हैं।यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं की गई तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। यूनियन अध्यक्ष शमशेर सिंह का कहना है कि हमारा काम कूड़ा इकट्ठा कर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाना है, वहां से कूड़ा उठाना नगर परिषद की जिम्मेदारी है।
हमारी जेसीबी मशीन खराब होने के कारण किशनपुरा डंपिंग पॉइंट से कूड़ा नहीं उठाया जा सका। सोमवार को जेसीबी मशीन ठीक होने के बाद वहां पर भेजकर कूड़ा उठवा दिया जाएगा। -रामगोपाल, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर