जीरकपुर। पांच जुलाई को जीरकपुर के लोहगढ़ पार्क में हरप्रीत नामक युवक को गोली मारकर घायल करने के मामले में टोपी गैंग के गैंगस्टर को साढ़े चार महीने बाद पुलिस ने नशीले पदार्थों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विवेक भारद्वाज के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कानूगो मोहल्ला ओमैक्स सिटी फेज-1 पलवल (हरियाणा) का रहने वाला है। वर्तमान में वह पंचकूला सेक्टर 19 में रह रहा था।
जीरकपुर थाने के एसएचओ राजपाल गिल ने बताया कि आरोपी से 315 बोर का तमंचा व एक कारतूस बरामद हुआ है। आरोपी विवेक को डेराबस्सी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। गोली चलाने के मामले में आरोपी के खिलाफ जीरकपुर थाने में आईपीसी की धारा 307, 506, 34 व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
नशे के साथ पुलिस ने दबोचा
ढकोली के एसएचओ नरपिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि विवेक भारद्वाज अपने पक्के ग्राहकों को नशे की सप्लाई देने आ रहा है। पुलिस ने परमैक-डी से एयरपोर्ट रोड आते समय छत लाइटों पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान बैग लेकर आ रहा विवेक पुलिस को देखकर घबरा गया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उससे 12 नशीले इंजेक्शन व 12 नशीली शीशियां बरामद हुईं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जीरकपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
टोपी गैंग का गुर्गा है विवेक
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उक्त आरोपी विवेक टोपी गैंग का गुर्गा है और हिस्ट्रीशीटर है। आरोपी के खिलाफ हरियाणा में अलग-अलग थानों में संगीन मामले दर्ज हैं। अमरजीत सिंह टोपी निवासी पेहवा (हरियाणा) गैंग का सरगना है, जिसकी पुलिस को तलाश है। विवेक के खिलाफ 2013 में थाना सिविल लाइन हिसार में धारा 363, 366ए व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। 29 मई 2020 को आरोपी के खिलाफ थाना साहा कुरुक्षेत्र में आईपीसी की धारा 285, 506, 34 व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा थाना बलदेव नगर अंबाला में धारा 52ए प्रिजनर्स एक्ट के तहत भी एक मामला दर्ज है।
पार्क के बाहर चलाई थी गोली
दरअसल पांच जुलाई की रात लोहगढ़ में दो युवतियों की पार्क से बाहर निकलते समय रोड पर हरप्रीत से टक्कर हुई थी। भड़की हुई युवतियों ने फोन कर अपने साथी विवेक भारद्वाज को बुलाया। कुछ मिनटों में विवेक कार में अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा था, जिन्होंने आते ही हरप्रीत से मारपीट की और चार हवाई फायर किए, जबकि एक फायर उसकी ओर किया गया था। गनीमत यह रही कि वह उस हमले में बच गया था, लेकिन गोली से निकला छर्रा उसकी टांग पर लगा था, जिससे वह घायल हो गया था।