मोहाली। गैर कानूनी तरीके से रिहायशी कॉलोनियां बसा रहे लोगों पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) की आंख लग गई। गमाडा की टीम ने सोमवार को खरड़ में एरिया में एक दर्जन से अधिक अवैध तरीके से बस रही कॉलोनियों पर शिकंजा कसा। इस दौरान बनाए जा रहे करीब 60 मकानों के काम को रोक दिया। साथ ही किए निर्माण को भी तोड़ दिया। वहां पर काम कर रही लेबर को हटाया।
गमाडा ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई आगे भी जा रहेगी। किसी को भी अवैध तरीके से निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। गमाडा की तरफ से यह कार्रवाई पेरीफेरी एक्ट व पंजाब अपार्टमेंट प्रॉपर्टी एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत की जा रही है।
गमाडा के ध्यान में आया था कि खरड़ में अवैध तरीके से रिहायशी कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। जहां पर नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखा गया है। गमाडा की टीम एसडीओ सुखपाल सिंह की अगुवाई में खरड़ पहुंची। इस दौरान घडूआं, रडियाला, भुखड़ी व घटौर एरिया में 12 कालोनियां अवैध तरीके से बस रही थीं। वहां पर 60 मकान आदि बनाने के लिए निर्माण कार्य चल रहा था। अधिकतर स्थानों पर मकानों की नींव आदि तैयार की जा रही थी। टीम ने वहां पर पहुंचते ही सारे काम को रोक दिया। कुछ जगह किए काम को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया। इस दौरान जो लेबर वहां पर लगी थी उसे भी हटाया गया।
अवैध तरीके से बसाई कालोनी, प्रबंधकों पर केस दर्ज
कुछ समय पहले गमाडा के ध्यान में आया था कि एक नामी रियल एस्टेट कंपनी ने अवैध तरीके से कॉलोनी बसा ली हैै। इसके बाद गमाडा के सीए की शिकायत पर कंपनी के प्रबंधकों पर सोहाना थाने में केस दर्ज हुआ था। कंपनी वालों ने करीब 25 एकड़ में सोसाइटी बसाई थी।
प्लॉट खरीदने से पहले करें पूरी छानबीन
गमाडा अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर वे मोहाली जिले में किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी में हैं तो वे प्रॉपर्टी संबंधी पूरी छानबीन कर लें। पता कर लें कि सोसाइटी मंजूर है या नहीं। इस तरह की धोखाधड़ी के कई केस सामने आ चुके हैं। कई लोगों पर कुछ समय पहले केस तक दर्ज हुए हैं।