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Mohali News: जमीन के साथ गरीबों का 19.28 करोड़ लेकर भूला गमाडा

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मोहाली। गमाडा ने 2008 से जिले में चल रहे निजी बिल्डरों से पांच प्रतिशत जमीन गरीबों के लिए लेने की नीति बनाई। इसके बाद जहां गरीबों को मकान बनाकर बिल्डर ने देने थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद गमाडा ने 2009 में नीति में सुधार कर खुद घर बनाकर देने की योजना बनाई। इसके लिए पांच प्रतिशत जमीन अपने नाम करवाने का फैसला हुआ। वहीं, नीति में यह बात भी आई कि अगर बिल्डर प्रोजेक्ट की पांच प्रतिशत जमीन नहीं देता है तो वह बनाए गए फ्लैट में से 10 प्रतिशत हिस्सा ईडब्ल्यूएस के लिए रखे। बिल्डर ने ऐसा भी नहीं किया। इसके बाद एक नीति आई कि जिन बिल्डर ने ईडब्ल्यूएस जमीन नहीं छोड़ी है। वह एक फ्लैट के एवज में 4.03 लाख रुपये ईडब्ल्यूएस फंड के रूप में गमाडा में जमा करवा दे। इसके बाद गमाडा खुद घर बनाकर देगा। इस फंड के रूप में गमाडा के पास 19.28 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा हो गया। इसके बाद भी गमाडा ने अब तक घर बनाने का काम शुरू नहीं किया। वहीं, गरीबों की जमीन के रूप में मिले 19.28 करोड़ रुपये का ब्याज भी गमाडा को साल में लाखों रुपये आ रहा है। इसके बाद भी काम शुरू करने में अफसरशाही और सरकारी नीतियों के कारण इस प्रोजेक्ट के शुरू होने में देरी हो रही है।
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अब सवाल यह खड़ा होता है कि सरकार के पास फंड भी है और जगह भी है तो ऐसे में गरीबों को छत देने में देरी क्यों की जा रही है। ऐसे में जब सरकार खुद के बनाए हुए नियमों को ही नहीं मान रही है तो भू-माफिया को कैसे रोक पाएगी जो गरीबों को 1-2 मरले के प्लॉट बेच कर अवैध कॉलोनिया खड़ी करवा देते हैं। इसके बाद गमाडा गरीबों के लिए घर बनाने में हुई अपनी गलती को छुपाने के लिए पीला पंजा लेकर गरीबों के घरों पर चला देता है। ऐसा करने से न तो गमाडा और न ही बिल्डर का नुकसान होता है। इस सारे घटनाक्रम में पहले से ही गरीबी की मार झेलने वाले को इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है। वहीं, बदलाव का सपना दिखाने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार संभाल रहे मुख्यमंत्री भगवंत मान की जिम्मेदारी बनती है कि वह अब गरीबों को न्याय दिलाए और उन्हें जल्द छत मुहैया करवाए क्योंकि गमाडा का विभाग उनके अंतर्गत आता है।



ईडब्ल्यूएस घर बनाने के लिए गमाडा के पास है इतनी जमीन

निजी बिल्डरों से ली जमीन 271 एकड़
सरकारी प्रोजेक्ट की जमीन 117.5 एकड़
कुल जमीन 387.5 एकड़

कोट्स...
गमाडा के पास ईडब्ल्यूएस फंड के रूप में 19.28 करोड़ रुपये जमा है। गरीबों को घर बनाकर देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। -गुरदेव सिंह अटवाल, डीटीपी, गमाडा
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