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Mohali News: गमाडा ने नहीं दिया ध्यान, गरीबों की जमीन पर कहीं बने फ्लैट तो कहीं खेल के मैदान

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मोहाली। गमाडा बनने के बाद गरीबों को सस्ती छत दिलाने का सपना सरकार ने देखा। इसके लिए गमाडा को नीति बनाने को कहा। गमाडा ने नीति बनाई और इसके लिए पांच प्रतिशत जमीन ईडब्ल्यूएस (गरीबों) को देने का प्रावधान रखा। नियम तो बन गए लेकिन घर बने या नहीं, यह देखने के लिए अफसरों ने जहमत नहीं उठाई।
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अफसरशाही के ढीले रवैये का फायदा कुछ बिल्डरों ने उठाया। उन्होंने कुछ अफसरों के साथ मिलकर ईडब्ल्यूएस की जमीन हड़पने की योजना बनाई। इसके बाद अफसरों के साथ मिलकर वहां पर वन बीएचके फ्लैट बनाकर बेच डाले। वहीं कुछ जगह बिल्डरों ने खेल के मैदान और पार्क बना डाले। ऐसा करने के चलते गरीबों को छत मिलने का सपना चूर-चूर हो गया। वहीं, गमाडा के आसपास के इलाके में अवैध कॉलोनियां पनपने लगीं। जहां पर सुविधाओं के नाम पर लोगों को कुछ भी नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही सरकार को राजस्व का भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, गमाडा ने 2008 से 2023 तक करीब 300 एकड़ जमीन बिल्डरों से ली लेकिन इन पर अब तक एक भी ईंट नहीं लगाई। अभी कुछ दिन पहले तत्कालीन आवास और शहरी विकास के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा था कि जल्द ही राज्य में गरीबों के लिए 25 हजार फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके पहले चरण में मोहाली में पांच हजार फ्लैट बनाने की योजना पर अब काम चल रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा और गरीबों को छत मिलने का सपना पूरा हो जाएगा।
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30 वर्ग मीटर में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने की है योजना

गमाडा ने आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए प्रोजेक्ट के पहले चरण में 5000 घरों के निर्माण के लिए लेआउट योजना को अंतिम रूप दे दिया है। घरों का निर्माण 30 वर्ग मीटर के क्षेत्र में किया जाएगा। इसमें एक बेडरूम, एक किचन, एक वाशरूम और एक छोटा सा लिविंग रूम होगा। सूत्रों के अनुसार अब गमाडा ने चार मंजिला अपार्टमेंट इमारतों का निर्माण करने का फैसला किया है। पता चला है कि इस योजना के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को लगभग 10 लाख रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से फ्लैट बेचे जाएंगे।



फ्लैट बनाने से पहले होगा डिमांड सर्वे
सूत्रों के अनुसार ईडब्ल्यूएस की नीति में कुछ कमियां थीं। इसमें सुधार करके इसे मंजूरी के लिए भेजा गया है। वहीं, ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने की योजना अब अंतिम चरण में है। इसके लिए डिजाइन, बैंक प्रक्रिया आदि पूरी हो गई है। जल्द ही वेबसाइट पर एक लिंक जारी किया जाएगा। इस लिंक में लोगों से अपने पसंद के तीन इलाके बताने को कहा जाएगा। फिर ड्राॅ प्रक्रिया द्वारा उन्हें फ्लैट अलॉट किया जाएगा। वहीं, गमाडा फ्लैट बनाने से पहले एक डिमांड सर्वे कराने की योजना बना रहा है ताकि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद कहीं यह न हो कि उन फ्लैट के लिए खरीदार न मिले। गमाडा की योजना है कि जिन इलाकों में लोग रुचि दिखाएंगे वहीं प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
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कोट्स...
अभी मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। सोमवार को इसकी जांच की जाएगी। -राजीव कुमार गुप्ता, सीए गमाडा
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