स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा अमृतसर स्थित जंडियाला गुरु में फायरिंग के बाद हथियारों समेत दबोचे गए तीनों आरोपियों से पुलिस अब आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा और नाभा जेल ब्रेक कांड में पूछताछ करेगी। एसटीएफ को संदेह है कि आरोपी उसमें शामिल थे।
आरोपियों का रिमांड लेने के लिए उक्त तर्क एसटीएफ ने अदालत में रखे। एसटीएफ ने अदालत से आरोपियों का 14 दिन का रिमांड मांगा, जबकि अदालत ने आठ दिन का रिमांड दिया है। हालांकि बचाव पक्ष के वकील सीएस बाबा ने रिमांड लेने के लिए एसटीएफ द्वारा दिए गए तर्कों का विरोध किया। उनका कहना था कि ऐसा कोई मुकाबला हुआ ही नहीं है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को जंडियाला गुरु में फायरिंग के बाद एसटीएफ ने सुखराज सिंह (21) निवासी लखनौर जिला गुरदासपुर, भूपिंदर सिंह भिंदा (26) निवासी चंदेल अमृतसर और राजपाल सिंह (28) को दबोचा है। आरोपियों पर एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।
मंगलवार को आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ ने अदालत में बताया कि आरोपियों को पाकिस्तान से आए हथियारों व पाकिस्तानी मोबाइल सिम समेत दबोचा गया है। वहीं, कई ऐसी चीजें जांच में सामने आ रही हैं, जिनसे लगता है कि आरोपी पाक में बैठे लोगों के संपर्क में थे।
पंजाब में 2016 में एक के बाद एक टारगेट कीलिंग हुई थी। इसमें भी बाहर विदेशों में बैठे लोग शामिल थे। इसके अलावा हथियारों की खेप भी बाहर से आई थी। दूसरी तरफ नाभा जेल ब्रेक कांड में आरोपियों की भूमिका सामने आई थी।