मोहाली। गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले इंस्पेक्टर गब्बर सिंह की बुलेटप्रूफ स्कार्पियों गाड़ी पर गोली चली ही नहीं। रोपड़ पुलिस की ओर से एफएसएल की रिपोर्ट में यहीं सामने आया है। 11 अप्रैल 2024 को मटौर थाने के इंस्पेक्टर गब्बर सिंह पर उस समय गोली चलाए जाने का मामला सामने आया था जबकि वह अपने निजी गनमैन के साथ बुलेटप्रूफ गाड़ी में अपने घर रोपड़ जा रहे थे।
अब इस घटना के 46 दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। रोपड़ पुलिस ने इस मामले की जांच एफएसएल मोहाली से करवाई थी, यह रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसी मामले को लेकर मोहाली के दो पुलिस अधिकारियों के सामने गब्बर सिंह की बुलेटप्रूफ गाड़ी पर एक गोली चलवाईं थीं, जिसमें यह पुष्टि हुई थी कि जैसा स्पाट रोपड़ में गाड़ी पर गोली ही चली है। उसके बाद गाड़ी को जांच के लिए गाड़ी को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) फेज-4 में ले जाया गया। जहां पर चैक करने के बाद उन्होंने यही कहा कि शीशे पर गोली का निशान है। उस दौरान एफएसएल में मौजूदा अधिकारी ने मोहाली के एक डीएसपी से भी फोन पर बात की और उन्हें पूरी बात बताई।
सीसीटीवी में कैद हुई थी इमेज
रोपड़ में हुई इस घटना में घटना स्थल से कुछ दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिसकी फुटेज में एक बाइक पर सवार दो शख्स भी दिखाए देते हैं। इसके साथ ही एक ट्रक व एक अन्य गाड़ी भी दिखती है पर अब तक रोपड़ पुलिस ने किसी से पूछताछ नहीं की है।
32 बोर रिवाल्वर की गोली का नहीं मिलता खोल
पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि 32 बोर की रिवाल्वर से फायर करने पर कोई खोल नहीं मिलता है। इंस्पेक्टर गब्बर के केस में ऐसा ही हुआ है। जांच कर रही पुलिस खोल न मिलने के चलते गोली चलने की बात को नहीं मान रही है। पुलिस कह रही है कि गाड़ी के शीशे पर पत्थर मारा गया है तो वो पत्थर किसने मारा, यह भी जांच का विषय है। पुलिस के पास पत्थर मारने वालों का भी अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। वहीं सवाल उठता है कि अगर पत्थर लगने से बुलेटप्रूफ गाड़ियों के शीशे ऐसे टूटने लगे तो इतनी महंगी बुलेटप्रूफ गाड़ियों को तैयार करवाने का क्या फायदा।
मौके पर पहुंची थी दो थाना एरिया पुलिस
11 अप्रैल 2024 को इंस्पेक्टर गब्बर अपने गनमैन के साथ अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ी में रोपड़ जा रहा था। जैसे ही वो रोपड़ के नजदीक पहुंचे तो उसी दौरान किसी ने उनकी कंडक्टर वाली तरफ फायरिंग कर दी। उसी सीट पर इंस्पेक्टर गब्बर सिंह बैठे थे। जिसके बाद गाड़ी का वहां से भगाकर आगे कुछ दूरी पर जाकर रोकी और इसकी सूचना अपने डीएसपी को फोन पर दी। कुराली सिटी थाना की पुलिस और सदर थाना प्रभारी पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। पहले लग रहा था कि घटनास्थल वाली जगह कुराली एरिया में आती है लेकिन अगले दिन जब जांच शुरू की गई तो पता चला कि घटनास्थल वाला एरिया रोपड़ पुलिस स्टेशन के दायरे में आता है।