जीरकपुर। गांव नगला को जाती 200 फुट पीआर 7 रोड में धान की ढेर लगा कर बैठे किसानों का सब्र अब टूटता जा रहा है। किसान कई दिनों से इस सड़क पर अपनी फसल लेकर बैठे हुए हैं। किसानों का कहना है कि मंडियों में न तो आढ़तियों और न ही सरकारी एजेंसियों ने खरीद शुरू की है इस कारण उनको पड़ोसी राज्य हरियाणा में फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों को पेश आ रही मुश्किलें को जानने के लिए पहुंचे हलका डेराबस्सी के विधायक एन के शर्मा को गांव नगला और भंखरपुर के किसानों ने कहा कि सरकार कह रही है कि खरीद शुरू हो गई है जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। आढ़तियों को बारदाना ही नहीं दिया जा रहा। इस क्षेत्र में कोई मंडी न होने के कारण उनको फसल सड़क पर ही सुखानी पड़ रही है और उनकी धान की फसल सड़क पर पड़ी है।
खरीद के प्रबंध पूरे करने में कांग्रेस असफल : शर्मा
विधायक एन के शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धान की खरीद के लिए सरकार की तरफ से शेलर अलाटमेंट, बारदाना, किसानों को फसल के भुगतान के लिए पैसों के प्रबंध, लिफ्टिंग के लिए इंतजाम आदि खरीद शुरू करने से पहले करने होते हैं परंतु पंजाब की कांग्रेस सरकार धान की खरीद के लिए पूर्व में प्रबंध करने में पूरी तरह असफल रही है। केंद्र सरकार की तरफ से नए पास किए गए तीन खेती अध्यादेश किसानी और भूमिहीन मजदूरों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा इसी कारण हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रालय से भी इस्तीफा दिया है ताकि किसानों के हितों की चौकीदारी की जा सके।