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Mohit Rana Funeral: शहीद की तीन साल की बेटी ने पिता को दी श्रद्धांजलि... बहन ने ताबूत को बांधी राखी

Sat, 30 Jul 2022 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव

सार

मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के संघोल के रहने वाले शहीद पायलट मोहित राणा के माता-पिता न्यू चंडीगढ़ के ओमेक्स सिटी में रहते हैं। मोहित शादीशुदा थे। उनकी पत्नी निधि और 3 साल की बच्ची उनके साथ बाड़मेर में ही रहते थे।
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शहीद मोहित राणा को श्रद्धांजलि देतीं उनकी पत्नी और बेटी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाड़मेर में गुरुवार रात दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग-21 विमान में शहीद हुए पायलट मोहित राणा का शनिवार को चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा विंग कमांडर मोहित राणा का पार्थिव शरीर शनिवार को जब उनके घर पहुंचा तो सबकी आंखें नम हो गईं। राजकीय सम्मान के साथ सेक्टर-25 स्थित मुक्तिधाम में अपराह्न लगभग 3:30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की पत्नी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

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अंतिम संस्कार की अन्य रस्में शहीद की पत्नी के साथ भतीजे रोहित ने पूरी कीं। विंग कमांडर को अंतिम विदाई देने के लिए परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों सहित बड़ी संख्या में वायुसेना के जवान मौजूद रहे। मोहित राणा की तीन साल की बेटी ने जब अपने पिता को श्रद्धांजलि दी तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आई। मोहित राणा की बहन ने भाई के ताबूत को राखी बांधी।

राजस्थान के बाड़मेर में प्रशिक्षण के दौरान वीरवार रात करीब 9 बजे लड़ाकू विमान मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में मुल्लांपुर के न्यू चंडीगढ़ निवासी विंग कमांडर मोहित राणा और जम्मू के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल शहीद हो गए थे। विमान को मोहित ही उड़ा रहे थे। अंतिम संस्कार में शहीद के गांव संधोल, जिला मंडी (हिमाचल प्रदशे) से भी कई लोग पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  
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पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल ओम प्रकाश राणा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। बेटे ने देशसेवा करते हुए अपना प्राण न्योछावर कर दिया। कर्नल ओम प्रकाश ने सैन्य वेशभूषा में पुष्प अर्पित कर बेटे को अंतिम सलामी दी। 


पसरे सन्नाटे में बिलख रही थी मासूम 

शनिवार को जब शहीद के पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम लाया गया तो सन्नाटा पसर गया। इस सन्नाटे में सिर्फ शहीद की पत्नी की गोद में बैठी उनकी करीब तीन वर्षीय की बेटी के बिलख-बिलख कर रोने की आवाज आ रही थी। यह देख कई लोगों की आंखें छलक पड़ीं। 
 

अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अधिकारी 

शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शाम के चार बजे तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। किसी भी राजनीतिक दल का कोई भी नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। इसका कारण शहर में गृहमंत्री का दौरा माना जा सकता है।
 

अंतिम समय में भी लिया सूझबूझ से निर्णय 

वीरवार की रात को प्रशिक्षण के दौरान जैसे ही विंग कमांडर मोहित राणा को दुर्घटना का आभास हुआ उन्होंने मिग-21 को एक खाली जगह पर लैंड कराने की कोशिश की जहां विमान क्रैश हो गया।  

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