बढ़िया भविष्य का सपना लेकर खरड़ के एक युवक ने विदेश जाने का फैसला लिया। घरवालों ने लाखों रुपए कर्ज लेकर उसे ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से दुबई भेज दिया। लेकिन जो सब्जबाग ट्रैवल एजेंटों ने उसे दिखाए थे, वे ड्यूटी के पहले दिन ही टूट गए। पहले उससे गुलामों की तरह काम करवाया।
वहीं न तो उसे तय वेतन दिया और न ही खाने-पीने की सुविधाएं। जब युवक ने हक की आवाज उठाई तो कंपनी वालों ने पासपोर्ट छीनकर एक झूठे केस में फंसाकर जेल पहुंचा दिया। महीने से ज्यादा समय जेल में बताया। अब जिला योजना कमेटी की चेयरपर्सन व सामाजिक संस्था हेल्पिंग हेल्पलेस की प्रमुख अमनजोत कौर रामूवालिया के प्रयासों से वह देश लौट पाया है। हो पाया है।
जानकारी के मुताबिक खरड़ निवासी मनजोत सिंह चंडीगढ़ के एक ट्रैवल एजेंट राहुल के माध्यम से दुबई की एक कंपनी में काम करने के लिए गया। वहां उससे ज्यादा काम लिया गया। वहीं वेतन भी पूरा नहीं दिया। इस पर उसने सारी बात परिजनों को बताई तो वे चंडीगढ़ स्थित हेल्पिंग हेल्पलेस के दफ्तर में आकर संस्था की प्रमुख अमनजोत कौर रामूवालिया से मिले। इसके बाद संस्था ने वापसी के लिए एक तरफ के पासपोर्ट व टिकट का प्रबंध किया तो वह स्वदेश लौट सका।
उन्होंने स्वदेश लौटने के बाद संस्था का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह उसका दूसरा जन्म है। वहीं, अमनजोत कौर रामूवालिया ने विदेश जाने वाले लोगों को नसीहत दी है कि वे किसी भी देश में जाने से पहले अच्छी तरह से पड़ताल करे। इसके बाद ही वहां जाए। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा ट्रैवल एजेंटो पर कसे गए शिकंजे की भी प्रशंसा की।