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दुबई गया था नौजवान सपने सच करने, पर पहुंच गया सलाखों के पीछे, रो-रोकर सुनाई जुल्मों की दास्तां

Tue, 20 Aug 2019 11:02 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मोहाली
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ट्रैवल एजेंट की धोखाधड़ी
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बढ़िया भविष्य का सपना लेकर खरड़ के एक युवक ने विदेश जाने का फैसला लिया। घरवालों ने लाखों रुपए कर्ज लेकर उसे ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से दुबई भेज दिया। लेकिन जो सब्जबाग ट्रैवल एजेंटों ने उसे दिखाए थे, वे ड्यूटी के पहले दिन ही टूट गए। पहले उससे गुलामों की तरह काम करवाया।
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वहीं न तो उसे तय वेतन दिया और न ही खाने-पीने की सुविधाएं। जब युवक ने हक की आवाज उठाई तो कंपनी वालों ने पासपोर्ट छीनकर एक झूठे केस में फंसाकर जेल पहुंचा दिया। महीने से ज्यादा समय जेल में बताया। अब जिला योजना कमेटी की चेयरपर्सन व सामाजिक संस्था हेल्पिंग हेल्पलेस की प्रमुख अमनजोत कौर रामूवालिया के प्रयासों से वह देश लौट पाया है। हो पाया है।

जानकारी के मुताबिक खरड़ निवासी मनजोत सिंह चंडीगढ़ के एक ट्रैवल एजेंट राहुल के माध्यम से दुबई की एक कंपनी में काम करने के लिए गया। वहां उससे ज्यादा काम लिया गया। वहीं वेतन भी पूरा नहीं दिया। इस पर उसने सारी बात परिजनों को बताई तो वे चंडीगढ़ स्थित हेल्पिंग हेल्पलेस के दफ्तर में आकर संस्था की प्रमुख अमनजोत कौर रामूवालिया से मिले। इसके बाद संस्था ने वापसी के लिए एक तरफ के पासपोर्ट व टिकट का प्रबंध किया तो वह स्वदेश लौट सका।
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उन्होंने स्वदेश लौटने के बाद संस्था का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह उसका दूसरा जन्म है। वहीं, अमनजोत कौर रामूवालिया ने विदेश जाने वाले लोगों को नसीहत दी है कि वे किसी भी देश में जाने से पहले अच्छी तरह से पड़ताल करे। इसके बाद ही वहां जाए। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा ट्रैवल एजेंटो पर कसे गए शिकंजे की भी प्रशंसा की।

 
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19-19 घंटे करवाते थे कम

मनजोत सिंह ने बताया कि दुबई में उससे 19-19 घंटे काम लिया जाता था। इस दौरान न ही रहने, न ही खाने-पीने और कपड़े धोने की सुविधा दी जाती थी। यहां तक कि खाना एक टाइम दिया जाता था। यही नहीं बीमार पड़ जाने पर छुट्टी के पैसे भी काटे जाते थे। वहां हो रहे दुर्व्यवहार के चलते ऐसा लगता था मानों कोई पिछले जन्मों का कष्ट भोग रहे हैं।

एक महीना जेल में रहा, सुबूत न होने पर जज ने किया बरी
मनजोत सिंह ने बताया कि जब उन्होंने कंपनी में काम करने से एतराज किया तो उक्त लोगों ने उससे मारपीट की। उसके बाद कंपनी ने उसका पासपोर्ट जब्त करके झूठे केस में फंसा दिया। वह एक महीने तक बिना कारण के जेल में रहा लेकिन उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं होने पर जज ने उसे बरी कर दिया था।

चार लाख विदेश भेजने और चार लाख जेल से छुड़ाने के नाम पर ठगे
मनजोत ने बताया कि जब वह जेल में था तो ट्रैवल एजेंट राहुल ने मेरे माता-पिता को मुझे कानून की गिरफ्त से बचाने का भरोसा देकर चार लाख रुपए लिए। इसके बाद भी उसने कोई मदद नहीं की। उसने इससे पहले विदेश भेजने के लिए भी चार लाख रुपए लिए थे। इस तरह उसके परिवार पर करीब आठ लाख रुपए का कर्ज हो गया। उसने बताया कि चंडीगढ़ में राहुल व गुरदासपुर में निर्मल सिंह नाम का एजेंट लोगों को ठग रहा है।
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