डेराबस्सी। तहसील में जाली एनओसी के जरिए रजिस्ट्रियां करवाने के मामले में पुलिस ने नामजद चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान विद्यानंद ठाकुर उर्फ विक्की (34) निवासी भांखरपुर के रूप में हुई है। उसे पुलिस ने अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया है।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने पहले से पकड़े तीसरे आरोपी ऋतिक जैन को वीरवार को अदालत में पेश करके दो दिन का और रिमांड लिया है। ऋतिक पहले ही पांच दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसका लैपटॉप भी बरामद कर लिया है, जिसकी मदद से जाली एनओसी तैयार की जाती थी। बता दें के इस मामले में पुलिस पहले ही दो लोगों स्टांप फरोश सुरेश जैन और कॉलोनाइजर गुलशन कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। अब तक पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और आगे और भी लोगों के गिरफ्तारी हो सकती है।
जाली एनओसी और नक्शे दिखाकर लोगों को बेचते थे कई कॉलोनाइजर
पुलिस जांच में सामने आया है कि शहर के कई बड़े-बड़े कॉलोनाइजर कॉलोनी पास करवाए बिना जाली एनओसी के आधार पर रजिस्ट्रियां करवाकर प्लॉट बेचते थे। वे लोगों में अपना प्रभाव बनाकर रखते थे कि उनकी कॉलोनी पास है। पुलिस अब तक एक कॉलोनाइजर को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसने जाली एनओसी के साथ 70 रजिस्ट्रियां करवाई थीं। जांच में ऐसे ही कई और कॉलोनाइजरों के नाम सामने आ रहे हैं जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई होने वाली है।
एक एप से क्यूआर कोड को भी निकाला तोड़
आरोपी विद्यानंद ठाकुर उर्फ विक्की ने ही जाली एनओसी में लगने वाला क्यूआर कोड बनाया था। यह बनाने के बाद उसने क्यूआर कोड कॉलोनाइजर गुलशन को दिया था। फिर गुलशन ने जाली एनओसी का काम शुरू कर दिया और बनाई हुई जाली एनओसी पर क्यूआर कोड भी लगाकर दिया, ताकि कोई जांच करे तो एनओसी के फर्जी होने का पता न चले।
कोट्स
पुलिस जांच में सामने आया है कि विद्यानंद ठाकुर उर्फ विक्की और सुरेश जैन कंप्यूटर में जाली एनओसी तैयार करते थे। इसके आधार पर रजिस्ट्रियां करवाई जाती थीं। पुलिस इस मामले में एक कॉलोनाइजर को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिसने अपनी कॉलोनी में 70 प्लाॅटों की जाली तरीके से रजिस्ट्री करवाई है। बाकी आरोपियों के खिलाफ पुलिस जल्द ही शिकंजा कसने जा रही है। -डॉ. दर्पण आहलूवालिया, एएसपी