मोहाली। कोरोना वायरस को लेकर लोगों की चिंता को देखते हुए फेेज-छह स्थित जिला सरकारी सिविल अस्पताल में एक नई पहल की गई है। अस्पताल की इमारतों के सभी प्रवेश द्वारों पर चार फ्लू कार्नर स्थापित किए हैं। यहां पर अस्पताल में आने वाले सभी लोगों को चेक किया जा रहा है। अगर किसी में कोई बीमारी लगती है, तो उसे आइसोलेटेड रूम में भर्ती करवाया जाता है।
इन फ्लू कार्नर में कम्युनिटी हेल्थ अफसर की ओर से चार से पांच नर्स को तैनात किया गया है। हर आते-जाते व्यक्ति को चेक किया जा रहा है। इस बीच अगर कोई संदिग्ध मरीज जो अभी किसी लंबे सफर से लौटा है और उस कोई मामूली बुखार हो तो उसे वहीं रोककर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को बुलाकर दिखाया जाता है। साथ ही उसे होम आइसोलेट रहने की राय दी जाती है। अगर कोई ज्यादा गंभीर है तो उसे सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में बने आइसोलेट रूम में तुरंत रखा जाता है।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह का कहना है कि लोगों को कोरोना वायरस को लेकर घबराना नहीं चाहिए। डब्ल्यूएचओ की तरफ से जारी गाइड लाइन का पालन करना चाहिए। भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जहां तक हो सके बाहर खाने-पीने और घूमने से भी परहेज करना चाहिए।
इस तरह चलता है कोरोना वायरस
इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है। इस कारण सबसे पहले बुखार, उसके बाद सूखी खांसी आती है। बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है। वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पांच दिन लगते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है। हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिन तक का भी हो सकता है। कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है। बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है।