पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी
29 साल पुराने आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्लानी के अपहरण व हत्या केस का सामना कर रहे पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत की शरण ली है। इस केस में अग्रिम जमानत के लिए उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से याचिका दायर कर दी है। दूसरी तरफ पंजाब सरकार भी अदालत में पहुंच गई।
सरकार ने सैनी की याचिका को खारिज करने की अपील की है। इस मामले में अब मंगलवार को सुनवाई होगी। दूसरी तरफ पुलिस की टीमें सैनी को काबू करने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक अग्रिम जमानत के लिए सुमेध सैनी ने अपने वकील एपीएस दयोल व एचएस धनोआ के माध्यम से अदालत में याचिका दायर की थी।
दूसरी तरफ इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने जमानत याचिका को खारिज करने के लिए अलग तौर पर याचिका दायर की है। इसमें पंजाब सरकार के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सतरेज नरूला, जिला अटारनी संजीव बत्रा व एसआईटी ने अपना पक्ष अलग तौर पर रखा। उनका आरोप था कि सुमेध सैनी ने पहले दी जमानत की हिदायतों के विपरीत गवाहों को धमकाया था। एक पूर्व थानेदार अनोख सिंह ने डर के मारे सरकारी गवाह तक बनने से मना कर दिया। ऐसे में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
पुलिस को बिना बताए घर से बाहर गए सैनी
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि सुमेध सैनी जांच अफसर को बिना बताए 20 व 21 अगस्त को घर से बाहर गए थे। जबकि उन्हें मेडिकल इमरजेंसी या जांच के लिए ही घर से बाहर निकलने की इजाजत थी। इतना नहीं जब मटौर थाने की पुलिस उनके चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित घर गई थी तो वह वहां पर भी गैर हाजिर थे। सैनी के कहने पर उनके गनमैन ने भी किसी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया था।