मोहाली। आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को मोहाली अदालत ने पांच साल की कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी परवीन कुमार ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में दलील दी है कि उसकी 4 साल की बेटी है और माता-पिता बहुत बुजुर्ग हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेवारी उसकी है। साथ ही माता-पिता कई बीमारियों से पीड़ित हैं, उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसने अदालत से गुहार लगाई कि उसके प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाया जाए। अदालत ने दलील सुनकर आरोपी परवीन को आईपीसी की धारा 306 में पांच साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। अगर जुर्माना नहीं भरा तो छह महीने की और सजा काटनी पड़ेगी। इसी तरह आरोपी को आईपीसी की धारा 498ए में दो साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माने न देने पर तीन माह की सजा बढ़ा दी जाएगी।
आरोपी परवीन कुमार की शादी 19 फरवरी 2019 को भिवानी के गांव टाइनपाना निवासी ललिता से हुई थी। परवीन शादी के बाद पत्नी के साथ सेक्टर-80 मोहाली में रहता था। शादी के कुछ समय बाद से ही ललिता को दहेज के लिए तंग परेशान किया जाता था। उससे कई बार मारपीट भी की जाती थी जिस कारण ललिता मानसिक तौर पर परेशान हो गई थी। 3 जुलाई 2021 को ललिता ने अपने पति व ससुराल वालों से तंग आकर ललिता ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में ललिता के भाई अजय कुमार के बयान पर पति परवीन कुमार, ननद सुमन, सास कलावती व सत्यवान ससुर के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस मामले की सुनवाई मोहाली अदालत में विचाराधीन थी जिसमें आरोपी परवीन को आज अदालत ने सजा सुनाई है।