जीरकपुर। करीब 11 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। पंजाब सरकार द्वारा प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद यूनियन और प्रशासन के बीच सहमति बनी। इससे जीरकपुर के शहरवासियों को कूड़े के ढेर और बदबू से बड़ी राहत मिली है। नगर परिषद जीरकपुर के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह विर्क ने हड़ताल खत्म होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब पूरे शहर में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
इसका उद्देश्य बीते दिनों में जमा हुए कूड़े-कचरे का जल्द निस्तारण कर सामान्य व्यवस्था बहाल करना है। हड़ताल के दौरान शहर की मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां कूड़े के ढेर में बदल गई हैं। चारों ओर फैली बदबू, मच्छरों और संक्रमण के बढ़ते खतरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। नागरिक लगातार सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे थे और प्रशासन से तत्काल समाधान की अपील कर रहे थे। विर्क ने कहा कि शहरवासियों की कठिनाइयों को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सफाई व्यवस्था को जल्द पटरी पर लाने के लिए विशेष अभियान चलेगा।
मांगों पर बनी सहमति
सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप सूद ने पंजाब सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकाला गया है। सूद ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी। इससे भविष्य में कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा।
शहरवासियों को मिली राहत
हड़ताल समाप्त होने से जीरकपुर के शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में शहर स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आएगा। 11 दिनों तक शहर में गंदगी का अंबार लगा रहा था। अब जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है।