पुलिस की गोली से घायल गोल्डी बराड़ का गुर्गा। संवाद
मोहाली/लालड़ू। अंबाला-डेराबस्सी हाईवे पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास पुलिस ने शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद गोल्डी बराड़ के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी रवि के पैर में पुलिस की गोली लगी है जबकि दूसरे को भागते समय पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नारायणगढ़, अंबाला निवासी कार्तिक सिंह उर्फ रवि और जगाधरी निवासी दीपक उर्फ दीपू के रूप में हुई है। दोनाें वर्तमान में डेराबस्सी में रह रहे थे। पुलिस ने दोनों को पकड़ने के लिए अंबाला-डेराबस्सी हाईवे पर रेलवे अंडरब्रिज के पास जाल बिछाया था। आरोपियों को इसकी भनक लग गई और दोनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इसके जवाब में पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की।
मोहाली के एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि दोनों के बारे में सूचना मिली थी कि वे हमला करने की योजना बना रहे हैं। उन्हें रोकने और पकड़ने के लिए अंबाला-डेराबस्सी हाईवे पर रेलवे अंडरब्रिज के पास जाल बिछाया गया। ऑपरेशन के दौरान आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आरोपियों से चार कारतूसों के साथ एक .32 कैलिबर की पिस्तौल भी बरामद की गई है।
इमीग्रेशन आफिस में फेंका था पचास लाख फिरौती का पर्चा
एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि दोनों को उनके हैंडलर गोल्डी बराड़ और भानु राणा ने इमिग्रेशन ऑफिस पर फायरिंग करने का काम सौंपा गया था। एसएसपी ने बताया कि इनपुट पर कार्रवाई कर पुलिस टीमों ने हमला करने और पीड़ित को निशाना बनाने से पहले ही उन्हें सफलतापूर्वक पकड़ लिया। एसएसपी ने बताया कि गोल्डी बराड़ गिरोह ने इमिग्रेशन ऑफिस से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग कर एक पर्चा फेंका था। इसकी शिकायत मिलने पर बीएनएस की धारा 308(2), 351(1), और 351(3) के तहत दस अप्रैल 2025 को पुलिस स्टेशन डेराबस्सी में दर्ज किया गया था।
विशेष टीम का किया गया था गठन
उन्होंने बताया कि डीआईजी रोपड़ रेंज हरचरण सिंह भुल्लर के निर्देश पर आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। एसपी ग्रामीण मनप्रीत सिंह और डीएसपी डेरा बस्सी बिक्रमजीत सिंह बराड़ की देखरेख में टीम ने इलाके से सुराग और सीसीटीवी फुटेज जुटाए, जिससे एक आरोपी की सफलतापूर्वक पहचान हो गई।
इमीग्रेशन आफिस को बनाया था निशाना
एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी यमुनानगर के मूल निवासी भानु राणा के माध्यम से गैंगस्टर से आतंकवादी बने गोल्डी बराड़ के संपर्क में आए थे। वह वर्तमान में यूएसए में रहता है। एसएसपी ने कहा कि इसी गिरोह ने सितंबर 2024 में भी इस इमिग्रेशन ऑफिस को निशाना बनाया था। एसएएस नगर के डेरा बस्सी के लालड़ू पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।