राज्य के फायरमैन जिले में सीखेंगे आग बुझाने के तरीके
मोहाली में खुलेगा स्टेट फायर सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट
सेक्टर-78 में 16 करोड़ रुपये से तैयार की जाएगी इमारत
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। राज्य के आग बुझाने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण लेने के लिए अब अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इसके लिए सरकार ने सेक्टर-78 में बन रही फायर ब्रिगेड की इमारत में स्टेट फायर सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट खोलने का फैसला किया है। इस इंस्टीट्यूट के बनने के बाद राज्य में काम कर रहे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के साथ ही नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों का यहां पर प्रशिक्षण होगा। सेक्टर-78 में पौने दो एकड़ में बने रहे फायर स्टेशन में इंस्टीट्यूट की इमारत का भी निर्माण किया जाएगा। इस पर 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र सरकार की योजना के तहत बनने जा रहे इस इंस्टीट्यूट के लिए केंद्र सरकार ने ग्रांट जारी कर दी है। वहीं अब नगर निगम इसका डिजाइन तैयार करवाकर निर्माण शुरू करने जा रहा है। इस इंस्टीट्यूट का डिजाइन तैयार करने के लिए प्रोजेक्ट अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी को भेजा जा रहा है। वहां से डिजाइन फाइनल होने के बाद इमारत का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
पंजाब में अभी नहीं है कोई सरकारी फायर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
राज्य में अभी कोई भी सरकारी फायर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नहीं हैं इसलिए अभी दमकल कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए बाहरी राज्यों में जाना पड़ता है। वहीं कई कर्मचारियों का नियुक्ति के बाद काफी लंबे समय से प्रशिक्षण ही नहीं हुआ है। अब अगर सब कुछ सही रहा तो यह इंस्टीट्यूट बनने के बाद कर्मचारी यहां पर आग बुझाने का प्रशिक्षण ले सकेंगे।
लालड़ू में भी बनना है इंस्टीट्यूट
पंजाब में फायर एंड इमजरेंसी सर्विसेज ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट लालडू में स्थापित किया जाएगा। उत्तरी भारत का यह अपनी तरह का पहला इंस्टीट्यूट होगा। यह संस्थान पूरी तरह से हाईटेक होगा। यह करीब बीस एकड़ जगह में बसाया जाएगा। संस्थान को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त होगी। साथ ही यह पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग के अधीन होगा। यहां पर अति आधुनिक तकनीकों से उच्च स्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें आग बुझाने, रेसक्यू करने, फायर एक्ट, स्टेट एक्ट, नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सेफ्टी स्टेंडरर्स, इंडस्ट्रियल स्टैंडर्स, इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, स्पेशल सर्विस कॉलेज, इमरजेंसी हालत से निपटने के कोर्स करवाए जाएंगे। इसमें सेफ्टी के हाईटेक सामान से ट्रेनिंग दी जाएगी।
कोट
स्टेट फायर सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट बनाने के लिए जीएनडीयू को प्रोजेक्ट का डिजाइन बनाने के लिए कहा है। इसके बाद इसका टेंडर लगाकर जल्द काम शुरू किया जाएगा। -नरेश बत्ता, एसई, नगर निगम