मोहाली। भले ही जिला प्रशासन ने दिवाली पर पटाखे जलाने का समय रात आठ से दस बजे तक किया था, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर आतिशबाजी की। देर रात तक लोग पटाखे चलाते रहे। इसका असर यह हुआ कि शहर की हवा पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है। रात में तो एक बार एयर क्वालिटी इंडेक्टस 400 तक पार गया था। हवा पूरी तरह से जहरीली हो गई, जिससे लोगों को सांस आदि लेने में दिक्कत आई। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। जब तक गंभीर मरीजों को खुले में सैर करने में दिक्कत आ रही थी।
भले ही मोहाली में पंजाब सरकार की ओर से एयर क्वालिटी इंडेक्स को मापने के लिए कोई यंत्र अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। लेकिन चंडीगढ़ की ओर से सेक्टर-53 में लगाए गए यंत्र और मौसम की जानकारी मुहैया करवाने वाली निजी कंपनियों की सूचना की मानें तो रात को पटाखे आदि चलने से हवा पूरी तरह प्रदूषित और जहरीली हो चुकी थी। मोहाली सीमा पर चंडीगढ़ के यंत्र में देर रात एक्यूआई 310 तक दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर निजी एजेंसी वैसे तो 23 अक्तूबर से वायु प्रदूषित होना शुरू हो गई थी। इस दौरान दिन के शुरू में एक्यूआई 183 था, लेकिन रात तक कम होकर 150 तक पहुंच गया था। इसी तरह 24 तारीख दिवाली वाली शाम साढ़े आठ बजे तक ही एक्यूआई 288 पहुंच गया था। वायु पूरी तरह से जहरीली हो गई थी। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी। जबकि रात डेढ़ बजे एक्यूूआई 400 को पर गया था। इसके बाद यह कम होना शुरू हो गया था। इसके बाद यह कम होना शुरू हुआ था।
जबकि मंगलवार दोपहर एक्यूआई का स्तर 148 पर पहुंच गया था। शाम को एक बार फिर बढ़ने लग पड़ा है। हालांकि पुलिस की तरफ से कई जगह जाकर लोगों को पटाखे जलाने से रोका गया। जबकि सभी तक जगह तक पुलिस का पहुंचना भी आसान नहीं था।