आग बुझाने का प्रयास करते दमकल कर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट मार्केट के एक शोरूम में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे भीषण आग लग गई। आग से स्काई जंपर ट्रॉपलिन पार्क नामक शोरूम में लगा लाखों रुपये का खेलकूद का सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त शोरूम खुला नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
आग लगने की सूचना पर जीरकपुर और डेराबस्सी से पांच फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ध्यान देने वाली बात यह है कि आग के दौरान स्काई जंपर ट्रॉपलिन पार्क के ठीक नीचे लगा फायर टेंडर सिस्टम नहीं चला, जिससे दमकल विभाग को कोई मदद नहीं मिल सकी।
बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट मार्केट में अगजनी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले बीते वर्ष यहां कपड़े के एक शोरूम में आग लगी थी। दोनों हादसों में भारी नुकासन हुआ है। स्काई जंपर ट्रॉपलिन पार्क में तीन शोरूम को मिलाकर बच्चों के खेलने के लिए एक बड़ी जगह बनाई गई है और यहां कई तरह के उपकरण लगे थे।
रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक इस शोरूम में पहुंचते थे। अगर हादसा दिन के समय या शाम को होता तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था। मौके पर मौजूद संचालकों ने बताया कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट है। वहीं, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि शोरूम के अंदर वेल्डिंग का काम चल रहा था, जिस कारण यह हादसा हुआ है। स्टोर में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग एकदम से भड़क गई। स्टोर मैनेजर ने दावा किया कि स्टोर में एक करोड़ रुपये से ऊपर का खेलकूद का सामान लगा हुआ है। आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इस स्टोर का 15 लोगों की टीम चलाती है।
शोरूम के शीशे तोड़कर अंदर घुसे दमकलकर्मी
ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट शहर की काफी बड़ी व मशहूर मार्केट है। यहां एक-एक शोरूम करोड़ों की कीमत का है। अब सवाल यह खड़ा होता है कि इतनी बड़ी मार्केट में आगजनी की घटना के दौरान फायर टेंडर क्यों नहीं चला। लोगों ने कहा कि अगर मार्केट में लगा फायर सिस्टम चलता होता तो आग से इतना नुकसान नहीं होता। दमकल कर्मियों को आग को बुझाने के लिए शोरूम के शीशे तोड़ने पड़े, क्योंकि अंदर जाने के लिए एक ही रास्ता था और वहां पर भी काउंटर लगा दिए गए थे। हालांकि पिछली तरफ इमरजेंसी रास्ता है लेकिन वह काफी छोटा है। इस कारण दमकल विभाग को आग बुझाने में काफी परेशानी आई।
आग लगने की सूचना 9.18 बजे मिली। इसके तुरंत बाद जीरकपुर से दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं थीं। आग ज्यादा होने के कारण डेराबस्सी से दो गाड़ियां मंगवानी पड़ीं। बाद में एक और गाड़ी मंगवाई गई। कुल पांच गाड़ियों ने करीब साढ़े तीन घंटे में आग पर काबू पाया। मार्केट में फायर सिस्टम लगा हुआ था लेकिन वह चल नहीं रहा था। - जसवंत सिंह, फायर ऑफिसर, ब्लॉक डेराबस्सी।