फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैक्ट्री के मालिक, डायरेक्टर व मैनेजमेंट पर लापरवाही का केस दर्ज

विज्ञापन
केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के मामले में कंपनी के डायरेक्टर अवतार सिंह (लाल घेरे में) से पूछताछ कर? - फोटो : MOHALI
विज्ञापन
डेराबस्सी। मुबारिकपुर सड़क पर स्थित पंजाब केमिकल्स एंड क्रोप प्रोटेक्शन लिमिटेड (पीसीसीपीएल) केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को आग लगने से दो वर्करों की मौत के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक, डायरेक्टर व मैनेजमेंट के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक वर्कर सुखविंद्र सिंह उर्फ बंटी निवासी गांव बिजनपुर के पिता पवन कुमार की शिकायत में कंपनी के डायरेक्टर अवतार सिंह सैनी को नामजद कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों के नाम अभी सामने नहीं आए। आग लगने के दौरान घायल हुए 12 वर्करों में से सात अब भी चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। बाकी घायलों को छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन

बुधवार देर शाम को आग बुझने के बाद मलबे से मिली लाश की पहचान लापता रवि कुमार निवासी बिजनपुर के रूप में हुई है। इसके अलावा अभी भी एक वर्कर लापता है, जिसकी पहचान रिक्की (30) निवासी गांव बतौड़, बरवाला, पंचकूला, हरियाणा के रूप में हुई। रिक्की के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। पुलिस को कंपनी से मिले रिकार्ड में सामने आया है कि रिक्की हेल्पर है और बुधवार सुबह ही फैक्ट्री में ड्यूटी पर आया था और हादसे के समय अंदर ही था। हादसे में रिक्की की मौत की आशंका के चलते पुलिस दिनभर मलबे की छानबीन करती रही। जांच में सामने आया कि सुखविंद्र सिंह, रवि और रिक्की तीनों हादसाग्रस्त प्लांट की तीसरी मंजिल पर रिएक्टर के पास काम कर रहे थे, जो आग लगने के बाद फट गया था।
मृतक सुखविंद्र के पिता ने दिया ये बयान
थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि मृतक सुखविंद्र सिंह (45) के पिता पवन कुमार ने अपने ब्यान में बताया कि सुखविंद्र बुधवार सुबह सात बजे घर से फैक्ट्री में गया था। उन्हें साढ़े 12 बजे कंपनी में आग लगने की सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे। प्रबंधकों ने उन्हें बताया कि उसके बेटे को घायलावस्था में पंचकूला सेक्टर-26 एक निजी अस्पताल ले जाया गया है। जहां पहुंचने पर डाक्टरों ने बताया कि उसके बेटे की वहां पहुंचने से पहले ही आग से झुलसने व चोट लगने के कारण मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता ने बयान में आरोप लगाया कि हादसा फैक्ट्री के एसीएफ प्लांट में लगे रिएक्टर की सेफ्टी पिन को समय-समय पर जांच न करने के कारण हुआ है।
विज्ञापन

सात वर्कर अब भी उपचाराधीन
घायलों में मनप्रीत सिंह निवासी गांव पंडवाला, अक्षय निवासी नयागांव, मनदीप निवासी लुधियाना का पंचकूला सेक्टर-26 के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा धर्मजीत सिंह व जसबीर सिंह निवासी गांव पंडवाला मोहाली के एक निजी अस्पताल, चंद्र पाल व सचिन सेक्टर-34 चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पत्रकारों को देख भागा आरोपी डायरेक्टर
पुलिस की ओर से नामजद फैक्ट्री का डायरेक्टर अवतार सिंह व अन्य मैनेजमेंट के सदस्य वीरवार को सारा दिन फैक्ट्री में घूमते रहे। इसे बारे में मीडियाकर्मियों को भनक लगने पर वह मौके पर पहुंचे और डायरेक्टर व मैनेजमेंट के सदस्यों की तस्वीरें लेने की कोशिश की तो डायरेक्टर व अन्य अपनी कार में बैठकर निकल गए।
मीडियाकर्मियों से की बदसलूकी
कंपनी प्रबंधकों ने वीरवार को मीडियाकर्मियों से बदसलूकी की और अंदर जाने से रोक दिया। बुधवार को भी आग लगने के दौरान मीडियाकर्मियों को अंदर दाखिल होने से रोका गया था। जब मीडियाकर्मी अंदर दाखिल हो गए तो उनका कैमरा छीनने की कोशिश की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें