मोहाली। पंजाब में गरीब परिवारों को बांटे जाने वाले सरकारी गेहूं को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में पुलिस ने डिपो होल्डर सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआई) के निर्देश पर की गई है। आरोपियों की पहचान अजय कुमार, धर्मपाल व हिमांशु तीनों निवासी जालंधर के रूप में हुई है। मामले के अनुसार कार्यालय निदेशक पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन चंडीगढ़ की ओर से 6 मार्च 2026 को पंजाब स्टेट क्राइम मोहाली को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसमें विजिलेंस ब्यूरो पंजाब की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच करने को कहा गया था।
विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 11 जनवरी 2025 को जालंधर में अचानक जांच की गई थी। यह चेकिंग एसएसपी विजिलेंस जालंधर की निगरानी में सरकारी गवाहों की मौजूदगी में करवाई गई। जांच के दौरान सामने आया कि एकता नगर, रामामंडी जालंधर में स्थित डिपो होल्डर अजय कुमार ने हिमांशु के साथ मिलीभगत कर सरकार की ओर से गरीब लाभार्थियों को वितरित किए जाने वाले गेहूं को गुप्त रूप से एक गोदाम में छिपाकर रखा था। जांच में यह भी सामने आया कि यह गेहूं न्यू शान भोग आटा चक्की, बसंत हिल एक्सटेंशन लद्धेवाली के पास स्थित दुकान/गोदाम में रखा गया था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने करीब 500 बोरी सरकारी गेहूं, जिसका वजन लगभग 50 किलो 500 ग्राम प्रति बोरी बताया गया, बरामद कर लिया।
बाद में यह गेहूं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संबंधित ट्रक चालक की जिम्मेदारी थी कि वह गेहूं का स्टॉक सीधे डिपो तक पहुंचाए, लेकिन उसने डिपो होल्डर के कहने पर इसे आटा चक्की के पास बने गोदाम में उतार दिया। वहीं संबंधित निरीक्षक द्वारा भी यह सुनिश्चित नहीं किया गया कि गेहूं डिपो तक पहुंचा या नहीं। पुलिस ने इस मामले में अजय कुमार, धर्मपाल (आटा चक्की मालिक) और हिमांशु के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य संबंधित अधिकारियों या व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।