अपनी ही बेटी का अपहरण कर उसकी जान खतरे में डालने के आरोपी पिता को मोहाली की अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई है। दोषी आकाश ने (22) अपनी 11 माह की बेटी का अपहरण किया था।
मोहाली की अदालत ने 11 माह की बच्ची के अपहरण मामले में उसके पिता को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पति के खिलाफ बच्ची की मां (दोषी की पत्नी) ने ही पुलिस को शिकायत दी थी। मामला तीन साल पुराना है।
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अदालत ने मुजफ्फर नगर (उत्तर प्रदेश) जिले के बुढ़ाना तहसील के कल्याणपुर गांव निवासी आकाश को (22) उसकी 11 माह की बेटी इशिका के अपहरण के मामले में दोषी ठहराकर सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला डेराबस्सी पुलिस स्टेशन में 14 जुलाई 2022 को तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 364 और 317 के तहत दर्ज किया गया था। आईपीसी की धारा 364 के तहत आकाश को सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न चुकाने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा काटनी होगी। आईपीसी की धारा 317 के तहत, उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत के निर्देशानुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
एफआईआर के अनुसार आरोपी की पत्नी और त्रिवेदी कैंप मुबारकपुर (मोहाली) निवासी रिंकी ने पुलिस को बताया था कि उसका पति आकाश उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी देकर घर से भाग गया है। रिपोर्ट के बाद एएसआई राजिंदर कुमार और एसआई कुलवंत सिंह के नेतृत्व में घग्गर नदी के किनारे तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बच्ची का शव कभी बरामद नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर आकाश को अपहरण और बच्चे की जान को खतरे में डालने वाले कृत्यों का दोषी पाया गया।