खरड़। केन्द्र सरकार की ओर से किसानों पर जबरदस्ती थोपे जा रहे खेती अध्यादेश और बिजली संशोधन बिल-2020 का विरोध शुरू हो गया है।
मंगलवार को किसान यूनियन लखोवाल और सिद्वुपुर समेत समूह किसान यूनियन की तालमेल कमेटी और आढ़ती एसोसिएशनों की ओर से पंजाब बंद के निर्देश पर सड़क पर ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी करके रोष धरना दिया गया। यह रोष धरना दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक जारी रहा। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान बनूड़-खरड़ रोड पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक-रुक कर चलने लगा। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस ने कई जगह से ट्रैफिक डायवर्ट कर काम चलाया।
इस अवसर पर अलग-अलग किसानों नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से जो अध्यादेश पास किया गया है, वह किसानों, आढ़तियों और मजदूरों के लिए घातक सिद्घ होगा।
उन्होंने कहा कि अगर केन्द्र सरकार ने इस अध्यादेश को वापिस न लिया तो आने वाले दिनों में मेंबर ऑफ पार्लियामेंट का घेराव किया जाएगा और इन्हें गांवों में नहीं आने दिया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा जिन सहयोगी पार्टियों ने इस अध्यादेश को पास करने की हिमायत की है, उन पार्टियों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन अध्यादेशों के पास होने से देश गिने चुने पूंजीपतियों के हाथों में गुलाम हो जाएगा।
इस अवसर पर दविंदर सिंह देहकला, रविंदर सिंह देहकलां, नछतर सिंह, जसपाल सिंह नियामियां, बहादुर सिंह, ज्ञान सिंह धड़ाक, मनप्रीत सिंह खेड़ी, गुरमीत सिंह खूनीमाजरा, बलविंदर सिंह, गुरनाम सिंह, कुलवंत सिंह, हरभजन सिंह, जगतार सिंह, जबसीर सिंह और हरिंदर सिंह बिल्लू समेत अन्य किसान भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन- भारतीय किसान यूनियन लखोवाल तथा सिद्वुपुर समेत समूह किसान यूनियनों की तालमेट कमेटी द्वारा दिया गया रोष धरना1
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