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Mohali News: किसानों ने किया सीएम आवास घेरने का एलान, चंडीगढ़-मोहाली की सीमाएं सील

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मोहाली। संयुक्त किसान मोर्चा में हिस्सा लेने वाले पंजाब के किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के आवास और कार्यालयों के सामने 17 अगस्त को तीन घंटे धरना दिया था। इसके बाद कोई नतीजा न निकलने पर किसानों ने आज रविवार को सीएम आवास घेरने का एलान किया है।
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इसके मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब खेत मजदूर यूनियन की ओर से आज मुख्यमंत्री का आवास के बाहर धरना देने की योजना बनाई गई है। इसे लेकर पंजाब के डीजीपी ने एक एडवाइजरी जारी की है। पूरे पंजाब भर से पांच हजार पुलिस मुलाजिमों को सड़कों पर उतारा गया है। वहीं मोहाली में एसएसपी दीपक पारीख ने चंडीगढ़-मोहाली की सभी सीमाओं को सील कर दिया है। इन जगहों पर करीब 1500 से ज्यादा पुलिस मुलाजिम तैनात कर दिए गए हैं। किसानों के पहुंचने से एक दिन पहले शनिवार को मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। पुलिस लाइन से भी मुलाजिमों को यहां तैनात किया गया है। किसानों की योजना सीएम आवास को घेरने की है। इसलिए चंडीगढ़ पुलिस की ओर से भी किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इन रास्तों से पहुंच सकते हैं किसान

किसानों को चंडीगढ़ पहुंचने के लिए मोहाली की चार सीमाएं पार करनी होंगी। इसलिए चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर झरमडी सीमा पर लालड़ू पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की हुई है। वहीं, अजीजपुर टोल प्लाजा से छत लाइट पॉइंट रास्ते से किसान मोहाली पहुंच सकते हैं। वहीं, आइसर से चंडीगढ़ ट्रिब्यून रोड पर जगतपुरा के पास पुलिस नाकाबंदी करेगी। 70 फीसदी किसान यहीं से आ सकते हैं, पिछली बार भी किसानों ने यहीं रास्ता चुना था। फेज-7 से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बंदी सिखों की रिहाई के लिए एक रास्ता पक्के तौर पर बंद हैं। वहीं दूसरे रास्ते पर पुलिस बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद करेगी। इसके अलावा एजुकेशन बोर्ड से बुड़ैल जेल चंडीगढ़ के रास्ते पर भी दोनों मोहाली व चंडीगढ़ पुलिस ने नाकाबंदी कर ली है। मुल्लांपुर न्यू चंडीगढ़ से पीजीआई रोड पर भी पुलिस ने नाकाबंदी की हुई है।
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यह हैं किसानों की मांगें

-पंजाब के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाया जाए और हर घर को पीने के लिए साफ पानी दिया जाए।

- झरने के पानी की उचित रिचार्जिंग की जाए।

-पंजाब के नदी जल के मुद्दे और संविधान के मुताबिक समाधान निकाला जाए।

-फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाए, नदियों और नहरों में प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोक जाएं।

- किसानों-मजदूरों का ऋण माफ करेें, आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय मदद व सरकारी नौकरी देना लागू किया जाए।

-दिल्ली आंदोलन की बाकी मांगें, सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदना, भारत माला परियोजना के तहत सड़कों के निर्माण के दौरान जल क्रॉसिंग के पास खंभों पर सड़कें बनाना, भारत-पाकिस्तान व्यापार के लिए अटारी वाघा और हुसैनीवाला, सुलेमान सीमा को खोला जाए।
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- अनुकूल फसल बीमा योजना, बिजली वितरण का निजीकरण बंद कर स्मार्ट मीटर लगाया जाए।

- आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।

-दिल्ली आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों-मजदूरों का स्मारक बनाया जाए, शहीद किसानों के वारिसों को मुआवजा व नौकरी दी जाए।

- आंदोलन के दौरान किसानों पर किए गए मुकदमे रद्द किए जाएं।

-कृत्रिम खाद, कीटनाशक व बीज पर रोक लगाई जाए, बाढ़ से फसल क्षति का मुआवजा दिया जाए।
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