मोहाली। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर खेती बचाओ संघर्ष के तहत भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) और अन्य सहयोगी संगठनों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय डीसी कार्यालय के समक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पंजाब के पुतले जलाकर अपना रोष व्यक्त किया। बीकेयू एकता डकौंदा (मोहाली) के संयोजक प्रदीप मुसाहिब ने कहा कि अमेरिका सरकार भारत पर कृषि उत्पादों, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र पर टैक्स खत्म करने का दबाव बना रही है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि सूखे मेवे, सोयाबीन तेल, शराब और पशु चारे (डिस्टिलर्स ग्रेन्स) जैसे उत्पादों से आयात शुल्क हटाया गया, तो भारतीय किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।
किसान संगठनों की प्रमुख मांगें
- कृषि वस्तुओं से संबंधित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को तुरंत रद्द किया जाए।
- खेती, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को व्यापारिक समझौतों से बाहर रखा जाए।
पंजाब सरकार के खिलाफ आक्रोश
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों बीकेयू एकता उग्राहां के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अपने साथियों की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को सड़कों पर रोकना और उन पर बल प्रयोग करना निंदनीय है। सरकार को गिरफ्तार नेताओं को तुरंत रिहा करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में बीकेयू एकता डकौंदा के साथ-साथ कई अन्य संगठनों ने हिस्सा लिया, जिनमें टेक्निकल सर्विस यूनियन (भंगल), पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका मुलाजिम यूनियन, पेंशनर्स यूनियन, नौजवान भारत सभा और वर्ग चेतना मंच शामिल थे। इस अवसर पर पुष्पेंद्र, राजिंदर कुमार, एकम सिंधु, जोरावर सिंह, यशपाल, गुरबख्श सिंह और लक्खा सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।