मोहाली। कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने विधायक कुलवंत सिंह के कार्यालय और भाजपा कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली संशोधन बिल, बीज बिल और श्रम कानूनों में बदलाव को जनविरोधी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिससे खेती, डेयरी और मजदूर वर्ग पर सीधा असर पड़ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुक्त व्यापार समझौतों और निजी कंपनियों को बढ़ावा देने से किसानों की आय और स्थानीय उद्योग कमजोर होंगे।
धरने में सरकारी विभागों की जमीनों की बिक्री और सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण का भी विरोध किया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार विरोध करने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। धरने को किसान नेता परमदीप सिंह बैदवान, किरपाल सिंह सियाऊ, देविंदर सिंह और प्रदीप मुहासिब सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।