पंचकूला। पारिवारिक झगड़े और अन्य घरेलू समस्याएं महिलाओं का तनाव बढ़ा रहे हैं। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में एक महीने में 200 महिलाएं मनोचिकित्सक के पास इलाज के लिए पहुंची हैं। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि महिलाओं की पति से अनबन, बच्चे की पढ़ाई के अलावा अन्य समस्याओं को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टरों की ओर से इस तरह के मामले सामने आने के बाद लगातार काउंसलिंग की जा रही है। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के मनोचिकित्सक विभाग के एचओडी डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि इस कारण महिलाओं का स्वभाव में बदलाव आ रहा है। इन घरेलू मामलों को लेकर मन पर लगातार तनाव हावी हो रही है। इस कारण महिलाएं चिड़चिड़ाहट, हताशा और गुस्से के रूप में होती है। महिलाएं लगातार घरों में अधिक समय व्यतीत कर रही है। इस कारण उन पर तनाव अधिक हावी हो रहा है।
यह आए हैं मामले
केस -1
सेक्टर-15 की रहने वाली 35 वर्षीय महिला के पति लगातार उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। नौकरी और घरेलू काम को कहने पर वह नहीं सुनते हैं। लगातार कई बार उनसे बहस हुई। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इस कारण महिला का तनाव बढ़ गया है। उनकी अभी अस्पताल में काउंसलिंग हो रही है।
केस -2
शहर के सेक्टर-7 में रहने वाली 40 वर्षीय महिला का बच्चा पढ़ाई नहीं करता है। बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। मोबाइल बहुत अधिक देखता है। इस कारण बच्चे को कई बार कहा गया इसके बाद पढ़ाई की बात को अनसुनी कर देता है। काउंसलिंग कराने के बाद भी सुधार नहीं होने के कारण परेशानी बढ़ी है। इस कारण महिला तनाव में आई हैं। अभी तक उनकी काउंसलिंग हो रही है।
बॉक्स
मनोचिकित्सक विभाग के एचओडी डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि महिलाएं भावुक और संवेदनशील होती है। इसलिए वे तनाव भी जल्दी लेती हैं। अपनी जिम्मेदारियों, रिश्तों, परिवार की वे अधिक परवाह करती है। उनके मन में बहुत कुछ चल रहा होता है। जब तनाव सहनशक्ति के बाहर हो जाता है तो इसका परिवर्तित रूप शरीर और व्यवहार में दिखाई देने लगता है।
यह हो सकते हैं लक्षण
- अचानक चिल्लाना, चिड़चिड़ाना या जल्दी गुस्सा हो जाना जैसे सामान्य लगने वाले व्यवहार।
- तेज प्यास लगना, दिल की धड़कन बढ़ जाना, अजीब-सी घबराहट, सांस लेने में समस्या, मांसपेशियां अकड़ने लगना या एकदम शिथिल पड़ जाना भी लक्षण हैं।
- अचानक जोर से हंसना या रोना, चक्कर आना, पेट में हवा का गोला घूमता हुआ या गले में दबाव महसूस होता है।
- कई बार हिचकियां आती हैं, हाथ-पैर में ऐंठन होती है। कुछ मामलों में रोगी बेहोश भी हो जाते हैं।
- तनाव के लंबे समय तक बने रहने की समझ न हो तो ये धीरे-धीरे मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। इसका याददाश्त पर भी असर पड़ सकता है।
कोट
महिलाओं की काउंसलिंग की जा रही है। अगर कोई महिला नाराज हो, व्यवहार ठीक नहीं करे और तनाव बढ़ा हो तो तुरंत उन्हें मनोचिकित्सक को दिखाएं। महिलाओं की भावनाओं को भी घर के लोग जरूर सुने। तभी इस तनाव से महिलाएं अपना बचाव कर सकती हैं। -डॉ. एमपी शर्मा, मनोचिकित्सक, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल